खान सर समेत आरोपितों की जमानत पर सुनवाई पूरी, 10 जुलाई को आएगा कोर्ट का फैसला

पटना। राजधानी पटना के चर्चित मुसल्लहपुर हाट फायरिंग मामले में बुधवार को पटना सिविल कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद के दौरान हुई गोलीबारी के मामले में आरोपित खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर और उनके सहयोगियों की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला 10 जुलाई को सुनाया जाएगा।

पटना सिविल कोर्ट के जिला जज रूपेश कुमार देव की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं। अदालत ने सभी तथ्यों और तर्कों को सुनने के बाद निर्णय देने के लिए तारीख निर्धारित की है। जमानत याचिका पर फैसला आने तक सभी आरोपितों की नजर अब अदालत के आदेश पर टिकी हुई है।

इस मामले में खान सर उर्फ फैजल खान के अलावा उनके तीन सहकर्मियों अजीत कुमार, कन्हैया कुमार सिंह और अंकित कुमार पांडेय की ओर से भी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार दोनों सुरक्षा गार्डों की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। दोनों गार्ड वर्तमान में बेउर जेल में बंद हैं।

अदालत ने सभी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है और अब 10 जुलाई को फैसला सुनाया जाएगा। कोर्ट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपितों को राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें आगे भी जारी रहेंगी।

2 जून की रात हुआ था विवाद और फायरिंग

गौरतलब है कि यह पूरा मामला 2 जून की रात का है, जब पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर गोलीबारी का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। इसके बाद कदमकुआं थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

पुलिस की एफआईआर में खान सर और उनके दो सुरक्षा कर्मियों का नाम सामने आया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न पहलुओं की जांच की और आरोपों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।

बचाव पक्ष ने रखी अपनी दलील

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से आरोपितों को राहत देने की मांग की गई। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने कई तर्क रखते हुए कहा कि मामले में आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई उचित नहीं है।

खान सर और उनके सहयोगियों की ओर से दलील दी गई कि वे जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उन्हें न्यायालय से राहत दी जानी चाहिए। बचाव पक्ष ने अदालत से अग्रिम जमानत प्रदान करने का आग्रह किया।

विरोधी पक्ष ने किया जमानत का विरोध

वहीं, दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोपितों की जमानत का विरोध किया। 7 जुलाई को रौशन आनंद पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्यम झा ने बहस करते हुए फैजल खान की जमानत याचिका का विरोध किया था।

विरोधी पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। अधिवक्ता सत्यम झा ने अदालत को बताया कि फैजल खान की ओर से कथित रूप से आपराधिक इतिहास छिपाया गया है।

उन्होंने कोर्ट के सामने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जमानत देना उचित नहीं होगा। विरोधी पक्ष ने घटना की गंभीरता और जांच को प्रभावित होने की संभावना का हवाला देते हुए जमानत याचिका खारिज करने की मांग की।

पुलिस जांच में जुटी है

फायरिंग मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना के दौरान किन लोगों की भूमिका रही। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोचिंग संस्थानों के विवाद ने बढ़ाई चिंता

मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और कोचिंग संस्थानों के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं और विभिन्न संस्थानों में पढ़ाई करते हैं।

कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद और उसके बाद हुई फायरिंग की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने इलाके में सतर्कता बढ़ाई थी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे।

छात्रों और स्थानीय लोगों ने भी ऐसी घटनाओं पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े स्थानों पर इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

10 जुलाई के फैसले पर सभी की नजर

अब इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। 10 जुलाई को जिला जज रूपेश कुमार देव की अदालत अपना आदेश सुनाएगी। कोर्ट के फैसले से यह तय होगा कि खान सर और अन्य आरोपितों को अग्रिम जमानत मिलती है या नहीं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जमानत याचिका पर फैसला सुनाते समय अदालत मामले की गंभीरता, जांच की स्थिति, आरोपों की प्रकृति और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखती है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और न्यायालय के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। मुसल्लहपुर हाट फायरिंग मामला पटना में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें 10 जुलाई को आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।