पोलियो उन्मूलन अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जिले में विशेष तैयारी पूरी; घर-घर जाकर बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
भागलपुर | गौतम वेदपाणि
भागलपुर जिले में पोलियो जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। अभियान के दौरान पांच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पोलियो उन्मूलन के लिए प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना आवश्यक है। इसके लिए जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में बूथ स्थापित किए जाएंगे। साथ ही अभियान के अगले चरण में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर उन बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाएंगे, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे।
जिलेभर में शुरू हुई व्यापक तैयारियां
पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान पर्याप्त मात्रा में पोलियो वैक्सीन उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा दवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
बूथों पर पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद
अभियान के पहले दिन जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष पोलियो बूथ लगाए जाएंगे।
इन बूथों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाएंगे।
घर-घर जाकर चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पहले दिन बूथों पर अभियान पूरा होने के बाद अगले चरण में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे, जिन्हें पोलियो की खुराक नहीं मिल सकी।
इस दौरान कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रह जाए, इसके लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की जाएगी।
विशेष टीमों का किया गया गठन
अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वयंसेवकों की टीमों का गठन किया गया है।
प्रत्येक टीम को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों ने सभी टीमों को समय पर निर्धारित स्थानों पर पहुंचने और अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने उन बच्चों तक पहुंचने की भी योजना बनाई है जो यात्रा के दौरान जिले से गुजरते हैं।
इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष ट्रांजिट टीमों की तैनाती की जाएगी, ताकि बाहर से आने-जाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चा स्वस्थ दिखाई देता हो, तब भी उसे हर बार पोलियो की दवा पिलाना आवश्यक है। इससे बीमारी के खिलाफ उसकी प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होती है।
पोलियो उन्मूलन में जनभागीदारी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसमें समाज, अभिभावकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को पोलियो टीकाकरण के महत्व के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है।
अफवाहों से बचने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पोलियो वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि पोलियो की दवा पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर इसकी खुराक देना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग की विशेष निगरानी
अभियान के दौरान जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक अधिकारियों की विशेष निगरानी रहेगी। प्रत्येक टीम की दैनिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और जिन क्षेत्रों में बच्चों की संख्या कम मिलेगी वहां अतिरिक्त टीम भेजी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।
भागलपुर जिले में आगामी पल्स पोलियो अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बूथों की स्थापना, स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती, घर-घर सर्वे और ट्रांजिट टीमों की व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अभियान में सहयोग करने और अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाने की अपील की है। सफल जनभागीदारी और प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।