जयप्रकाश महाविद्यालय, नारायणपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-30 के नवागंतुकों के लिए भव्य इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ, जयप्रकाश महाविद्यालय, नारायणपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-30 के स्नातक (UG) प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य 'इंडक्शन कार्यक्रम' (दीक्षारंभ) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल नवागंतुक विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत था, बल्कि उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप पाठ्यक्रम और उनके भावी दायित्वों से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और औपचारिक शुभारंभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. इमरान खान ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में अनुशासन और निरंतरता का महत्व समझाया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कॉलेज जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निखारने और आत्मनिर्भर बनने का एक स्वर्णिम काल है।
प्राचार्य महोदय ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कक्षाओं में 75% उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने छात्रों को चेतावनी और परामर्श दोनों लहजे में समझाया कि नियमितता ही सफलता की पहली सीढ़ी है। शैक्षणिक सत्र 2026-30 के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और पाठ्यक्रम की बारीकियां
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. ऋतिका गौतम ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को बताया कि वर्तमान पाठ्यक्रम को छात्र-केंद्रित (Learner-centric) दृष्टिकोण से तैयार किया गया है।
डॉ. गौतम ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की:
बहुविषयक दृष्टिकोण: छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता और उसकी प्रक्रिया।
कौशल विकास: पाठ्यक्रम में शामिल किए गए एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (AEC) और इंटर्नशिप के अनिवार्य प्रावधान, जो छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेंगे।
सतत मूल्यांकन: सेमेस्टर प्रणाली के अंतर्गत आंतरिक मूल्यांकन और निरंतर परीक्षा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कॉलेज जीवन: अनुशासन और सह-शैक्षणिक गतिविधियां
इंडक्शन कार्यक्रम का एक मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए माहौल में ढालना होता है। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को विभिन्न संसाधनों जैसे पुस्तकालय, प्रयोगशाला, एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) के बारे में विस्तार से बताया गया।
प्राचार्य प्रो. डॉ. इमरान खान ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक विकास के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “एक सफल विद्यार्थी वही है जो अपनी बौद्धिक क्षमता के साथ-साथ टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकारों के प्रति भी जागरूक हो।”
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के मन में उठ रहे प्रश्नों के समाधान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाओं के साथ हुआ। जयप्रकाश महाविद्यालय के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
इस इंडक्शन कार्यक्रम ने प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को कॉलेज के एक अभिन्न अंग के रूप में स्वीकार करने और उन्हें आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने का सफल कार्य किया। NEP 2020 के आलोक में, यह कार्यक्रम निश्चित रूप से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
नारायणपुर के इस महाविद्यालय ने पुनः यह सिद्ध किया कि वह अपने विद्यार्थियों को न केवल बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए, बल्कि उनके सर्वांगीण उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। सत्र 2026-30 के विद्यार्थियों के लिए यह यात्रा आज से एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ आरंभ हो गई है।