राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गोपालपुर (नवगछिया) में स्नातक सत्र 2026-30 के लिए भव्य 'दीक्षारंभ' कार्यक्रम का आयोजन

 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए, नवगछिया स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गोपालपुर में स्नातक सत्र 2026-30 के नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए एक भव्य 'दीक्षारंभ' (इंडक्शन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत था, बल्कि उन्हें महाविद्यालय की अकादमिक संस्कृति और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी था।

कार्यक्रम का शुभारंभ: सांस्कृतिक गरिमा के साथ

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत के साथ हुआ। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने न केवल परिसर का वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक बनाया, बल्कि उपस्थित अभिभावकों और विद्यार्थियों के मन में महाविद्यालय के प्रति एक आत्मीय भाव भी जगाया। सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का मुख्य चरण प्रारंभ हुआ।

प्राचार्य का संबोधन: नई शिक्षा नीति और रोजगारोन्मुखी शिक्षा

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राज कुमार प्रसाद ने अध्यक्षता करते हुए नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "अब शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुखी होनी चाहिए।"

प्राचार्य ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि NEP 2020 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को 'नौकरी मांगने वाला' (Job seeker) के बजाय 'नौकरी देने वाला' (Job creator) बनाना है। उन्होंने महाविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और इंटर्नशिप के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

शिक्षा और अनुशासन का समन्वय

डॉ. राज कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के अनुशासनात्मक नियमों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कैंपस में अनुशासन अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित छात्रों को यह संदेश दिया कि वे अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएं। महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है।

पाठ्यक्रम और भविष्य की रणनीति

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ प्राध्यापकों ने नई शिक्षा प्रणाली के तहत क्रेडिट सिस्टम, आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) और बहु-विषयक (Multidisciplinary) दृष्टिकोण पर चर्चा की। छात्रों को बताया गया कि अब उन्हें मुख्य विषयों के साथ-साथ अपनी रुचि के कौशल-विकास कोर्स भी चुनने का विकल्प मिलेगा, जो उनके करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

परिसर की सुविधाएं और संसाधन

महाविद्यालय के शैक्षणिक संसाधनों का उल्लेख करते हुए प्राचार्य ने छात्रों को पुस्तकालय की आधुनिक सुविधाओं, ई-लर्निंग संसाधनों और प्रयोगशालाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय होने के नाते यहां विद्यार्थियों को हर प्रकार की सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है, जिससे उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए।

संवाद और प्रश्नोत्तरी सत्र

कार्यक्रम के अंतिम चरण में 'संवाद सत्र' का आयोजन किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों ने कॉलेज जीवन, करियर और विषयों के चयन से संबंधित प्रश्न पूछे, जिसका संतोषजनक उत्तर प्राचार्य और विषय विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। इस संवाद ने नवागंतुक विद्यार्थियों के मन से झिझक मिटाने और उनके अंदर आत्मविश्वास जगाने का काम किया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गोपालपुर में आयोजित यह दीक्षारंभ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक बना। महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्राचार्य के प्रेरक संदेशों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महाविद्यालय आने वाले समय में क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मजबूत शैक्षणिक स्तंभ साबित होगा।