समवेत महिला रंग सखी' द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का शानदार आयोजन

सिल्क सिटी भागलपुर के सुप्रसिद्ध उत्सव स्थल 'जिच्छो दी ग्रैंड रॉयल' (Ziccho The Grand Royal) के भव्य प्रांगण में बीते दिन कला, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। महिला रंगकर्मियों और कला साधिकाओं की अग्रणी संस्था 'समवेत महिला रंग सखी' द्वारा एक दिवसीय भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस गरिमामयी समारोह में जिले भर से आईं प्रबुद्ध महिलाओं, महिला कलाकारों, रंगकर्मियों और समाजसेविकाओं ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कला और रंगमंच के माध्यम से समाज में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त करना, छिपी हुई प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और अपनी लोक संस्कृति व विरासत को सहेजना था। पूरे आयोजन के दौरान एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 उद्घाटन सत्र: दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शंखनाद

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुसार बेहद आध्यात्मिक और शालीन माहौल में हुई। मुख्य अतिथियों और 'समवेत महिला रंग सखी' की वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।

 

उद्घाटन के तुरंत बाद संस्था की युवा कलाकारों द्वारा मधुर 'गणेश वंदना' प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात स्वागत गान गाकर मुख्य अतिथियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन कर रहीं संस्था की मुख्य संयोजिका ने समवेत महिला रंग सखी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रंगमंच सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज का आईना है और महिलाएं इसकी सबसे मजबूत धुरी हैं।

 रंगारंग प्रस्तुतियां: लोकनृत्य से लेकर सामाजिक नाटकों तक का सफर

'जिच्छो दी ग्रैंड रॉयल' का विशाल सभागार दर्शकों की तालियों से लगातार गूंजता रहा। कार्यक्रम को कई सत्रों में बांटा गया था, जिसमें अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं और बच्चियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

 अंगिका और भोजपुरी लोक गीतों की धूम:

चूंकि यह आयोजन अंग प्रदेश की धरती पर हो रहा था, इसलिए यहां की समृद्ध 'अंगिका संस्कृति' की झलक साफ देखने को मिली। कलाकारों ने पारंपरिक विवाह गीत, झूमर और सोहर गाकर माहौल को पूरी तरह उत्सवधर्मी बना दिया। इसके बाद सामूहिक लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसमें महिलाओं के पारंपरिक परिधान और नृत्य कला ने सबका मन मोह लिया।

नुक्कड़ नाटक और लघु नाटिकाएं:

'समवेत महिला रंग सखी' मुख्य रूप से रंगमंच (थिएटर) को समर्पित संस्था है। इस अवसर पर उनके द्वारा समाज में महिलाओं की स्थिति, कन्या भ्रूण हत्या, शिक्षा का अधिकार और घरेलू हिंसा जैसे ज्वलंत विषयों पर एक बेहद मर्मस्पर्शी लघु नाटक पेश किया गया। नाटक के संवाद इतने जीवंत और तीखे थे कि वहां मौजूद कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। इस प्रस्तुति के माध्यम से संदेश दिया गया कि नारी अब अबला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाली सबला बन चुकी है।

एक कलाकार का वक्तव्य: "रंगमंच वह ताकत है जिसके जरिए हम बिना किसी हथियार के समाज की रूढ़िवादी सोच पर सीधा प्रहार कर सकते हैं। आज 'समवेत' के इस मंच से हमने यही कोशिश की है।"

कार्यक्रम की रूपरेखा: एक नजर में

इस सफल और भव्य आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए संस्था द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:

कार्यक्रम की मुख्य श्रेणियांविवरण और मुख्य आकर्षण
मुख्य आयोजन स्थलजिच्छो दी ग्रैंड रॉयल (भागलपुर-कहलगांव मार्ग)
आयोजक संस्थासमवेत महिला रंग सखी
मुख्य विधाएंलोकनृत्य, सुगम संगीत, नाटक (थिएटर), और काव्य पाठ
थीम / संदेशकला के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और लोक संस्कृति का संरक्षण
उपस्थितिभारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, बुद्धिजीवी और कलाप्रेमी

 

 सम्मान समारोह: समाज को दिशा देने वाली 'रंग सखियां' सम्मानित

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के समापन के बाद एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस सत्र में समाज के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा, कला और साहित्य) में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को 'समवेत रंग सखी सम्मान' से नवाजा गया।

संस्था की अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि जिन महिलाओं ने बंदिशों को तोड़कर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, उन्हें सम्मानित करना हमारे लिए गर्व की बात है। सम्मानित होने वाली महिलाओं ने भी इस मंच की सराहना की और कहा कि 'जिच्छो दी ग्रैंड रॉयल' में मिला यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर काम करने की प्रेरणा देगा।

इस पूरे आयोजन की सफलता में आयोजन स्थल 'जिच्छो दी ग्रैंड रॉयल' की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं का भी बड़ा योगदान रहा। कार्यक्रम में शामिल होने आए अतिथियों और दर्शकों के बैठने की उत्तम व्यवस्था, अत्याधुनिक साउंड सिस्टम और आकर्षक लाइट डेकोरेशन ने प्रस्तुतियों के स्तर को और ऊंचा उठा दिया। कार्यक्रम के अंत में संस्था की सचिव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया, जिसमें उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी कलाकारों, सहयोगियों, मीडिया कर्मियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ इस यादगार और ऐतिहासिक सांस्कृतिक शाम का समापन हुआ।