विश्व हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष आशीष गोस्वामी के जन्मोत्सव पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फल, बिस्कुट और पेयजल का वितरण
पूर्णिया। सेवा, मानवता और सामाजिक सरोकार का संदेश देते हुए पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) में विश्व हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष आशीष गोस्वामी के जन्मोत्सव के अवसर पर मरीजों और उनके परिजनों के बीच फल, बिस्कुट तथा पेयजल का वितरण किया गया। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर मरीजों का हालचाल जाना, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा जरूरतमंद लोगों की हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में सेवा और सहयोग का माहौल देखने को मिला। संगठन के कार्यकर्ता सुबह से ही अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन की अनुमति के बाद मरीजों के बीच आवश्यक खाद्य सामग्री और पेयजल का वितरण किया। मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम कठिन समय में उन्हें मानसिक संबल और अपनापन प्रदान करते हैं।
जन्मदिन को बनाया सेवा का माध्यम
विश्व हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन के अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने अपने जन्मोत्सव को उत्सव के बजाय सेवा कार्यों के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसी सोच के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच फल, बिस्कुट और स्वच्छ पेयजल वितरित किया गया।
संगठन के सदस्यों ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना ही सबसे बड़ा मानवीय धर्म है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसरों को यदि समाज सेवा से जोड़ा जाए तो इससे लोगों में सकारात्मक संदेश जाता है और दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है।
मरीजों का जाना हालचाल
फल वितरण के दौरान संगठन के सदस्यों ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों का हालचाल पूछा, उनके इलाज की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कई मरीजों और उनके परिजनों ने संगठन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान इस प्रकार की संवेदनशील पहल लोगों को मानसिक मजबूती देती है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
मानव सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को समय-समय पर गरीब, बीमार और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संगठन भविष्य में भी रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम, पौधारोपण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों को लगातार जारी रखेगा।
अस्पताल प्रशासन ने की सराहना
अस्पताल प्रशासन ने भी इस सामाजिक पहल की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों के बीच इस प्रकार के सेवा कार्यक्रम न केवल उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उनके मनोबल को भी बढ़ाते हैं।
उन्होंने सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अस्पतालों में सेवा कार्य करते समय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि मरीजों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
समाज सेवा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता
विश्व हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने कहा कि संगठन केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा को भी अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानता है। समय-समय पर गरीबों की सहायता, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर और अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर सकारात्मक परिवर्तन लाना और जरूरतमंद लोगों की मदद करना है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अनुशासित ढंग से मरीजों और उनके परिजनों के बीच सामग्री का वितरण किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे सेवा कार्यों में भाग लेकर उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी संगठन विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करता रहेगा।
मरीजों और परिजनों ने जताया आभार
अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने संगठन की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान कई परिवार आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजरते हैं। ऐसे समय में फल, बिस्कुट और पेयजल जैसी छोटी-छोटी सहायता भी काफी महत्वपूर्ण होती है।
कई लोगों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सहयोग, संवेदना और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि जन्मदिन जैसे अवसरों को समाज सेवा से जोड़ना एक सकारात्मक परंपरा है। इससे युवाओं में सेवा भावना विकसित होती है और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग अपने व्यक्तिगत उत्सवों को सामाजिक कार्यों के साथ जोड़ें तो जरूरतमंद लोगों की सहायता के साथ-साथ समाज में सकारात्मक वातावरण भी तैयार होगा।
सेवा कार्य रहेगा जारी
कार्यक्रम के अंत में संगठन के सदस्यों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी अस्पतालों, वृद्धाश्रमों, अनाथालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में सेवा कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता करना ही संगठन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल जन्मोत्सव का आयोजन नहीं था, बल्कि मानव सेवा, सामाजिक संवेदनशीलता और जनकल्याण का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास भी रहा। मरीजों और उनके परिजनों के बीच फल, बिस्कुट और पेयजल का वितरण कर संगठन ने यह संदेश दिया कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए।