फुटपाथ विक्रेता संघ के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता का अचानक निधन, पूरे शहर में शोक की लहर; विभिन्न संगठनों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्णिया। पूर्णिया शहर के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता एवं फुटपाथ विक्रेता संघ के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता का अचानक निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, फुटपाथ विक्रेताओं और आम नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे शहर के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उनके निधन से फुटपाथ विक्रेताओं के बीच मायूसी का माहौल है, क्योंकि राजकुमार गुप्ता लंबे समय से उनके अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्षरत थे।

परिजनों के अनुसार, राजकुमार गुप्ता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर लोगों का तांता लग गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

फुटपाथ विक्रेताओं की आवाज थे राजकुमार गुप्ता

राजकुमार गुप्ता कई वर्षों से पूर्णिया में फुटपाथ विक्रेताओं के हितों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे। फुटपाथ विक्रेता संघ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने छोटे व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासन और नगर निकाय के समक्ष मजबूती से उठाया। अतिक्रमण हटाओ अभियान, पुनर्वास, वेंडिंग जोन की व्यवस्था, पहचान पत्र और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने जैसे मुद्दों पर उन्होंने लगातार आवाज बुलंद की।

संघ के सदस्यों का कहना है कि राजकुमार गुप्ता हमेशा गरीब और छोटे दुकानदारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे। जब भी किसी फुटपाथ विक्रेता के सामने कोई समस्या आती थी, वे सबसे पहले उसकी मदद के लिए आगे खड़े रहते थे।

सामाजिक कार्यों में भी निभाई सक्रिय भूमिका

फुटपाथ विक्रेताओं के हितों की लड़ाई के अलावा राजकुमार गुप्ता सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। शहर में आयोजित रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, जरूरतमंदों की सहायता, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य तथा विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाज सेवा की भावना के कारण सभी वर्गों में लोकप्रिय थे। उन्होंने हमेशा लोगों को साथ लेकर चलने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयास किया।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने जताया शोक

राजकुमार गुप्ता के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाई और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। कई नेताओं ने उनके परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी शोक संदेश जारी कर उनके योगदान को याद किया। संगठनों ने कहा कि उनका निधन केवल फुटपाथ विक्रेता संघ ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए बड़ी क्षति है।

व्यापारिक संगठनों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्णिया के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने राजकुमार गुप्ता के निधन पर शोकसभा आयोजित की। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। व्यापारियों ने कहा कि राजकुमार गुप्ता छोटे व्यापारियों और फुटपाथ विक्रेताओं के अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष करते रहे।

व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

फुटपाथ विक्रेताओं में शोक

राजकुमार गुप्ता के निधन से फुटपाथ विक्रेताओं के बीच गहरा शोक है। कई विक्रेताओं ने कहा कि उन्होंने अपना सच्चा मार्गदर्शक और संरक्षक खो दिया है। उनका कहना था कि जब भी किसी विक्रेता को प्रशासनिक परेशानी या अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, राजकुमार गुप्ता सबसे पहले उसके साथ खड़े होते थे।

विक्रेताओं ने कहा कि उन्होंने हमेशा संगठन की एकता को मजबूत किया और सभी को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

सादगी और सेवा भाव के लिए थे प्रसिद्ध

राजकुमार गुप्ता अपने सरल जीवन और सेवा भावना के लिए जाने जाते थे। वे पद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी समान महत्व देते थे। लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि समाज और संगठन के हितों के लिए निरंतर कार्य किया।

उनके करीबी लोगों ने बताया कि वे हर वर्ग के लोगों से सहजता से मिलते थे और किसी भी जरूरतमंद की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे। अंतिम दर्शन के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। परिजन, मित्र, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और फुटपाथ विक्रेता नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

अंतिम यात्रा में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उदाहरण था।

शहर ने खोया जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व

सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लोगों का कहना है कि राजकुमार गुप्ता ने अपने कार्यों के माध्यम से समाज में अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने हमेशा गरीब, मेहनतकश और छोटे व्यवसायियों की समस्याओं को प्राथमिकता दी तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए।

उनके निधन से शहर ने एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया है, जो हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़ा रहा और उनकी आवाज को बुलंद करता रहा।

हमेशा याद किया जाएगा योगदान

फुटपाथ विक्रेता संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संकल्प लिया कि राजकुमार गुप्ता के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उनके द्वारा शुरू किए गए जनहित के प्रयासों और संगठन को मजबूत बनाने की मुहिम को निरंतर जारी रखा जाएगा।

राजकुमार गुप्ता का आकस्मिक निधन पूर्णिया के सामाजिक और व्यावसायिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनकी सादगी, संघर्षशीलता, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा। आने वाले वर्षों में भी उन्हें फुटपाथ विक्रेताओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक प्रतिबद्ध और संवेदनशील नेता के रूप में याद किया जाएगा।