तेज प्रताप यादव पर घर में जबरन घुसने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज, जानें पूरा मामला
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। छात्र नेता आकाश यादव की शिकायत पर पटना कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
"बिना इजाजत घर में घुसे"
आकाश यादव (अनुष्का यादव के भाई) द्वारा दर्ज कराए गए मामले के अनुसार:
तारीख और घटना: 6 जून को तेज प्रताप यादव अपने पीए मोतीलाल के साथ जबरन आकाश यादव के पाटलिपुत्र स्थित घर में घुस आए।
वजह: तेज प्रताप, अनुष्का यादव की बेटी उज्जैनी से जबरन मिलना चाहते थे।
धमकी का आरोप: आकाश का आरोप है कि घर में मौजूद उनकी बुजुर्ग मां और बहन के विरोध करने पर हंगामा किया गया। साथ ही, आकाश को फोन पर धमकी दी गई कि अगर बच्ची से मिलने से रोका गया, तो उसका अपहरण कर लिया जाएगा।
कोर्ट के आदेश पर हुई FIR
आकाश यादव ने पहले 10 जून को थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर उन्होंने पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस ने अब औपचारिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तेज प्रताप यादव का पलटवार
मामला सामने आते ही तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई पेश की है:
आरोपों को नकारा: उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक-सामाजिक छवि को खराब करने की साजिश बताया है।
प्रतिशोध का दावा: तेज प्रताप का कहना है कि उन्होंने पहले ही आकाश यादव को उनके अभद्र व्यवहार के लिए कानूनी नोटिस भेजा था, जिससे डरकर बदले की भावना से यह केस किया गया है।
पटना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कोर्ट के निर्देशानुसार दोनों पक्षों के बयानों और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।