खेत में करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से किसान की मौत, मवेशियों के लिए घास काटने गए थे रंजय राय; जांच में जुटी पुलिस

पटना | संवाददाता

पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र के अदलचक बधार में खेत में करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 41 वर्षीय रंजय राय की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने मवेशियों के लिए घास काटने खेत की ओर गए थे। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक किसान ने अपनी फसल को जंगली जानवरों और मवेशियों से बचाने के उद्देश्य से खेत की मेड़ पर बिजली प्रवाहित तार लगा रखी थी। इसी तार के संपर्क में आने से रंजय राय गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

मवेशियों के लिए घास लाने गए थे खेत

परिजनों के अनुसार, रंजय राय रोज की तरह सुबह अपने मवेशियों के लिए चारा लाने खेत की ओर गए थे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि खेत के आसपास बिजली का करंट प्रवाहित तार लगाया गया है।

घास काटने के दौरान उनका पैर या हाथ तार के संपर्क में आ गया, जिससे उन्हें तेज करंट लगा। बिजली का झटका इतना शक्तिशाली था कि वह मौके पर ही गिर पड़े और गंभीर रूप से झुलस गए।

ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की

पास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब रंजय राय को गिरा हुआ देखा तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। पहले बिजली के स्रोत को अलग करने का प्रयास किया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

फसल बचाने के लिए लगाया गया था करंट

स्थानीय लोगों के अनुसार, खेतों में फसल को आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से बचाने के लिए कुछ किसान चोरी-छिपे बिजली प्रवाहित तार लगा देते हैं। हालांकि यह तरीका पूरी तरह अवैध और अत्यंत खतरनाक माना जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही पहले भी कई हादसों का कारण बन चुकी है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी करते हुए अपनी फसल की सुरक्षा के नाम पर जानलेवा उपाय अपनाते हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

मनेर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि खेत में करंट प्रवाहित तार किसने लगाया था और क्या इसमें लापरवाही या कानून का उल्लंघन हुआ है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही या अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई।

मृतक के परिवार में पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि रंजय राय ही घर के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है।

ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि खेतों में करंट प्रवाहित तार लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और अवैध बिजली कनेक्शन तथा करंट वाले तार लगाने वालों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाया जाए।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विद्युत सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि खुले स्थानों पर बिजली प्रवाहित तार लगाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह किसी भी व्यक्ति या पशु के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। खेतों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और कानूनी उपाय अपनाने चाहिए, जैसे मजबूत बाड़, सोलर फेंसिंग (निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप) या अन्य स्वीकृत सुरक्षा साधन।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली से जुड़ी किसी भी अस्थायी व्यवस्था को बिना तकनीकी जानकारी और संबंधित नियमों का पालन किए नहीं किया जाना चाहिए।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में और भी निर्दोष लोगों की जान जा सकती है।

लोगों ने यह भी मांग की कि कृषि क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए और किसानों को सुरक्षित तरीकों से फसल की सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाए।

अदलचक बधार में हुई यह दुखद घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि फसल की सुरक्षा के लिए अपनाए जा रहे अवैध और खतरनाक तरीकों पर प्रभावी रोक कब लगेगी। एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में लापरवाही या अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार लगाने की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।