दिल्ली की साकेत कोर्ट से फरार शातिर अपराधी बिहार में गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस को मिली ट्रांजिट रिमांड
दिल्ली के साकेत कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार हुआ शातिर मोबाइल चोर उदय मंडल बिहार के भागलपुर जिले से धर दबोचा गया है। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व में भागलपुर पहुंची और स्थानीय रेल न्यायालय (Rail Court) में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है। दिल्ली पुलिस आरोपी को कड़े पहरे में लेकर वापस राष्ट्रीय राजधानी रवाना हो गई है।
घटनाक्रम और पुलिस का हाई-टेक जाल:
कोर्ट से हुआ था फरार: आरोपी उदय मंडल को दक्षिण दिल्ली में चोरी के 10 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया गया था। जून 2026 में साकेत कोर्ट में पेशी के दौरान वह दिल्ली पुलिस को चकमा देकर कोर्ट परिसर से ही भाग निकला था।
ट्रेन में की एक गलती और दबोचा गया: दिल्ली से भागकर वह ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार आ रहा था। सफर के दौरान उसने एक सह-यात्री से मोबाइल मांगकर दिल्ली में अपने साथी को फोन किया और कहा— "मैं पुलिस की कस्टडी से भागकर ट्रेन में हूँ।"
सर्विलांस से ट्रेस हुई लोकेशन: दिल्ली पुलिस पहले से ही उसके करीबियों के नंबर सर्विलांस पर रखे हुए थी। फोन कॉल आते ही पुलिस को लोकेशन और उस सह-यात्री का नंबर मिल गया।
सह-यात्री की सूझबूझ और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने तुरंत उस सह-यात्री के नंबर पर वापस कॉल किया और उसे अलर्ट करते हुए कहा कि उसके पास खड़ा व्यक्ति एक फरार अपराधी है। सह-यात्री ने बिना देर किए ट्रेन में मौजूद जीआरपी (GRP) को सूचना दी।
जैसे ही ट्रेन भागलपुर के सुल्तानगंज स्टेशन पर रुकी, आरोपी ने फिर भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जीआरपी और रेल पुलिस की टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
जब किसी आरोपी को एक राज्य या क्षेत्राधिकार की पुलिस द्वारा दूसरे राज्य से गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे संबंधित मामले की अदालत में पेश करने के लिए स्थानीय कोर्ट से एक सीमित समय (आमतौर पर 24 से 48 घंटे) की अनुमति लेनी होती है, जिसे ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) कहा जाता है। इसी कानून के तहत दिल्ली पुलिस उसे वापस दिल्ली ला रही है।