ईआरवी चालक पर हमला, पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ी, 30 ग्राम सोने की चेन छीनने का आरोप; आरोपितों की तलाश में छापेमारी तेज
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस पर हमले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ईआरवी) पर तैनात एक पुलिस चालक पर शिकायत की जांच के लिए मौके पर पहुंचने के दौरान कथित रूप से हमला कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने न केवल पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, बल्कि उसकी वर्दी भी फाड़ दी। इसके साथ ही उसके गले से लगभग 30 ग्राम वजन की सोने की चेन छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब ईआरवी पर तैनात चालक को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वह निर्धारित स्थान पर स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई के लिए पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौके पर पहुंचते ही कुछ लोगों ने पुलिसकर्मी के साथ बहस शुरू कर दी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान आरोपितों ने पुलिस चालक के साथ कथित रूप से मारपीट की। इस दौरान उसकी सरकारी वर्दी फाड़ दी गई और गले में पहनी हुई करीब 30 ग्राम की सोने की चेन भी छीन ली गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल पुलिसकर्मी को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को स्थिर बताया। इसके बाद अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने पीड़ित पुलिसकर्मी के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एफआईआर में मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, लूट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि आरोपितों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। यदि आवश्यक हुआ तो तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की भी जांच की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपितों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि पुलिसकर्मी से सोने की चेन छीनी गई है, तो उससे संबंधित साक्ष्य भी केस डायरी में शामिल किए जाएंगे। साथ ही बरामदगी के लिए भी अलग से प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस विभाग में भी चिंता का माहौल है। अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून लागू करने वाले कर्मियों पर हमला न केवल गंभीर अपराध है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों ने भी घटना पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि यदि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होंगे। हालांकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालना और लूट जैसे आरोप गंभीर श्रेणी के अपराध हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। इसलिए अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही निकलेगा।
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर आरोपितों की भूमिका तय की जाएगी। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और घटना में प्रयुक्त परिस्थितियों तथा कथित रूप से छीनी गई सोने की चेन की भी बरामदगी की जाएगी।
मुजफ्फरपुर में हुई इस घटना ने एक बार फिर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।