ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमित प्रकाश की नियुक्ति, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
सहरसा/बिहार: स्वास्थ्य विभाग ने सहरसा सदर अस्पताल में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ईएनटी (ENT - कान, नाक और गला रोग) विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में डॉ. अमित प्रकाश की नियुक्ति की है। राज्य स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से उन हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें कान, नाक और गला संबंधी गंभीर समस्याओं के इलाज के लिए अक्सर महंगे निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
सहरसा सदर अस्पताल, जो न केवल सहरसा बल्कि आसपास के जिलों जैसे मधेपुरा और सुपौल के मरीजों के लिए भी एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, में लंबे समय से एक समर्पित ईएनटी विशेषज्ञ की कमी महसूस की जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने इस कमी को गंभीरता से लेते हुए डॉ. अमित प्रकाश को पदस्थापित किया है। विभाग ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे तत्काल अपना योगदान (Join) दें ताकि ओपीडी (OPD) सेवाओं को अविलंब शुरू किया जा सके।
डॉ. अमित प्रकाश की नियुक्ति के मायने
डॉ. अमित प्रकाश के आने से सदर अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं में एक नया अध्याय जुड़ा है। कान, नाक और गला से जुड़ी बीमारियाँ काफी जटिल होती हैं, जिनके लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। डॉ. प्रकाश की मौजूदगी से:
सटीक निदान: अब मरीजों को कान के पर्दे की जांच, सुनने की समस्या (Audiometry), नाक की हड्डी टेढ़ी होने (DNS), या गले में होने वाले ट्यूमर/संक्रमण का इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा।
निःशुल्क परामर्श: निजी क्लिनिकों में भारी भरकम फीस देने में असमर्थ गरीब मरीजों को अब सदर अस्पताल में विश्वस्तरीय चिकित्सकीय परामर्श मुफ्त प्राप्त होगा।
माइनर सर्जरी की सुविधा: अस्पताल के ओपीडी के साथ-साथ, भविष्य में ईएनटी से जुड़ी छोटी और मध्यम स्तर की सर्जरी की सुविधा भी बहाल होने की प्रबल संभावना है।
स्थानीय मरीजों की परेशानी और समाधान
अक्सर कान की गंभीर बीमारियों या गले के संक्रमण के कारण लोगों को कई बार जटिल सर्जरी से गुजरना पड़ता है। सहरसा के स्थानीय निवासी और मरीज बताते हैं कि ईएनटी डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें एक छोटी सी समस्या के लिए भी भागलपुर, पटना या सिलीगुड़ी तक की दौड़ लगानी पड़ती थी।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, "डॉक्टर की कमी के कारण इलाज में देरी होती थी और आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। अब सदर अस्पताल में विशेषज्ञ के बैठने से समय और पैसा दोनों की बचत होगी।"
अस्पताल प्रबंधन की कार्ययोजना
सदर अस्पताल प्रशासन ने डॉ. अमित प्रकाश के आगमन के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अस्पताल के ओपीडी कक्ष में ईएनटी के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, जहाँ आधुनिक उपकरणों के साथ मरीज देखे जाएंगे। अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि विभाग ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस पद को प्राथमिकता पर भरा है। साथ ही, ईएनटी विभाग के लिए आवश्यक दवाओं और बेसिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का विजन
बिहार सरकार का यह प्रयास है कि हर जिले के सदर अस्पताल को 'सुपर स्पेशलिटी' के करीब लाया जाए। डॉ. अमित प्रकाश की नियुक्ति इसी कड़ी का हिस्सा है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि अनुभवी डॉक्टरों को ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों में भेजा जाए ताकि 'हेल्थ फॉर ऑल' (Health for All) का लक्ष्य पूरा हो सके।
ईएनटी क्लिनिक की विशेषताएं:
पूर्णतः निःशुल्क: परामर्श और जांच सुविधा पूरी तरह से सरकारी दरों पर उपलब्ध।
समयबद्ध सेवाएं: ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है।
आधुनिक उपकरण: ओटोस्कोप, लेरिन्गोस्कोप जैसी मूलभूत जांच सुविधाएं अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भविष्य की राह: सहरसा में चिकित्सा हब
सहरसा सदर अस्पताल में लगातार हो रहे इन सुधारों से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में यह जिला पूरे कोसी प्रमंडल के लिए एक चिकित्सा हब बनेगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी न केवल इलाज को सरल बनाती है, बल्कि यह क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता को भी बढ़ाती है।
डॉ. अमित प्रकाश की नियुक्ति एक स्वागतयोग्य कदम है। अब सहरसा के नागरिकों को कान, नाक और गला संबंधी जटिलताओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यह प्रशासनिक तत्परता न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ाती है, बल्कि सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही को भी प्रदर्शित करती है। मरीजों से अपील की जाती है कि वे निर्धारित समय पर सदर अस्पताल आकर इस सेवा का लाभ उठाएं।