डीएम-एसएसपी ने कसी कमर, संयुक्त ब्रीफिंग में तय की जिम्मेदारी

भागलपुर: सूबे के मुखिया, मुख्यमंत्री के आगामी भागलपुर दौरे को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से जिला समाहरणालय में जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) की अध्यक्षता में एक संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों को मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए और उनकी जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया।

सुरक्षा और प्रोटोकॉल: प्राथमिकता पर जिला प्रशासन

मुख्यमंत्री का दौरा न केवल विकास कार्यों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील होता है। संयुक्त ब्रीफिंग में डीएम और एसएसपी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के हर पहलू पर बारीकी से चर्चा की।

एसएसपी ने ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि:

सुरक्षा का घेरा (Security Perimeter): मुख्यमंत्री के आवागमन वाले मार्ग से लेकर कार्यक्रम स्थल तक 'थ्री-लेयर' सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

ट्रैफिक मैनेजमेंट: उनके काफिले के गुजरने के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों का चिह्नीकरण और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।

एंटी-सबोटेज टीम: आयोजन स्थल पर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते द्वारा सघन जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

विकास कार्यों की समीक्षा: डीएम का सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा संभावित समीक्षा बैठकों और शिलान्यास/उद्घाटन कार्यक्रमों को लेकर संबंधित विभागों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि:

फाइलों का निपटारा: जिन योजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास होना है, उनसे संबंधित सभी कागजी प्रक्रियाएं अगले 24 घंटों के भीतर पूरी कर ली जाएं।

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण: शहर की मुख्य सड़कों, विशेषकर वीआईपी रूट पर साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा जाए। नगर निगम को इस संबंध में तत्काल प्रभाव से कार्य करने के आदेश दिए गए।

अधिकारी रहेंगे मुस्तैद: मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कोई भी पदाधिकारी बिना अनुमति के अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। सभी संबंधित अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में बने रहेंगे और अपनी रिपोर्ट तैयार रखेंगे।

जिम्मेदारियों का हुआ स्पष्ट निर्धारण

ब्रीफिंग के दौरान हर विभाग के अधिकारी की भूमिका तय की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी स्तर पर समन्वय (Coordination) की कमी न रहे।

नोडल पदाधिकारी: विभिन्न बिंदुओं के लिए नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो सीधे डीएम और एसएसपी के संपर्क में रहेंगे।

हेल्थ टीम: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल के समीप एक मेडिकल टीम और एम्बुलेंस को पूरी तरह से तैनात रखने का आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है।

बिजली और संचार: निर्बाध बिजली आपूर्ति और संचार सेवाओं को सुचारू रखने के लिए बिजली विभाग के कनीय और सहायक अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है।

आम जनता से अपील और प्रशासनिक संवेदनशीलता

मुख्यमंत्री के आगमन पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। संयुक्त ब्रीफिंग में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे आम नागरिकों के साथ शालीनता का व्यवहार करें। सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह से लागू किया जाए कि जनता को कम से कम असुविधा हो।

डीएम ने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री जी का भागलपुर दौरा विकास को नई गति देने वाला होगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्था त्रुटिहीन हो। सुरक्षा से लेकर व्यवस्थापन तक हर मोर्चे पर पुलिस और प्रशासनिक टीम का समन्वय बेहतरीन है।"

मॉनिटरिंग और फीडबैक

एसएसपी ने निर्देश दिया कि क्षेत्र के सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट करें। वहीं, जिलाधिकारी ने खुद कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने और तैयारियों का जायजा लेने की बात कही है।

 सुदृढ़ प्रशासनिक तंत्र की झलक

भागलपुर में मुख्यमंत्री के दौरे की यह तैयारी जिले के प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता को दर्शाती है। डीएम और एसएसपी की यह संयुक्त बैठक यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है कि प्रोटोकॉल के साथ-साथ विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी कोई कोताही न बरती जाए।

अब प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा भागलपुर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो। जिले के सभी विभागों को एक 'टीम' के रूप में कार्य करने का संदेश दिया गया है, ताकि मुख्यमंत्री के आगमन पर भागलपुर की छवि एक सुव्यवस्थित और विकासशील शहर के रूप में उभरे।