मधेपुरा के चौसा में डीएम अभिषेक रंजन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, राहत कार्यों में लापरवाही पर सख्त निर्देश

मधेपुरा। जिले में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने गुरुवार को चौसा प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों, विद्यालयों तथा संवेदनशील गांवों का दौरा कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को हर प्रभावित परिवार तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ संचालित किए जाएं, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

विद्यालयों का किया निरीक्षण

अपने दौरे के दौरान डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसरों की स्थिति, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता तथा आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि यदि किसी विद्यालय का उपयोग राहत शिविर के रूप में किया जा रहा है, तो वहां रहने वाले लोगों के लिए भोजन, पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राहत सामग्री समय पर पहुंचाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न, सूखा राशन, तिरपाल, आवश्यक दवाइयां, बच्चों के लिए दूध एवं अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राहत वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा पात्र लाभार्थियों को ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर

बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए डीएम ने स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित गांवों में पर्याप्त संख्या में पेयजल टैंकर भेजे जाएं। जहां संभव हो वहां हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाए तथा पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।

इसके अलावा लोगों को पानी उबालकर पीने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक करने को कहा गया।

चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा टीमों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा और चिकित्सकों की उपलब्धता हर समय बनी रहनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

पशुपालकों की समस्याओं पर भी ध्यान

डीएम ने अधिकारियों से पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएं और बीमार पशुओं का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों को सतर्क रहने की हिदायत

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष को दें।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 घंटे निगरानी बनाए रखने तथा राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों से भी की बातचीत

निरीक्षण के दौरान डीएम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कुछ स्थानों पर राहत सामग्री, सड़क संपर्क और पेयजल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करने और सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जलस्तर पर लगातार नजर

प्रशासन ने बताया कि गंगा और कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो अतिरिक्त राहत शिविर, नावों की व्यवस्था और बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग को भी पूरी तरह सतर्क रहने और सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की तैयारी पूरी

जिला प्रशासन का कहना है कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण किया गया है और सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मधेपुरा के चौसा प्रखंड में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण प्रशासन की तैयारियों और राहत कार्यों की गंभीरता को दर्शाता है। डीएम ने विद्यालयों, राहत व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को समय पर राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पशु चिकित्सा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं।