डीडीसी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति ने किया चयन, मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के लिए लाभुकों की सूची को मिली मंजूरी
भागलपुर। महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत जिले में चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर पात्र लाभुकों के चयन को मंजूरी दी गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। समिति ने प्राप्त आवेदनों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन तथा पात्रता मानकों के आधार पर लाभुकों का चयन किया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से पूरा किया गया है, ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीडीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसी उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
समिति ने जिले के विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। प्रत्येक आवेदन की पात्रता, दस्तावेजों की वैधता तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच की गई। जिन आवेदकों के दस्तावेज पूर्ण पाए गए और जो सभी शर्तों को पूरा करते थे, उन्हें चयनित सूची में शामिल किया गया। वहीं जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे पाए गए या पात्रता संबंधी शर्तें पूरी नहीं हुईं, उन्हें नियमानुसार अलग रखा गया।
अधिकारियों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सत्यापन के आधार पर संपन्न की गई है। संबंधित विभागों की रिपोर्ट, स्थानीय स्तर पर किए गए सत्यापन तथा उपलब्ध अभिलेखों का भी मिलान किया गया ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि योजना का लाभ किसी भी पात्र महिला से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि चयन सूची जारी होने के बाद भी यदि कोई पात्र महिला छूट गई हो, तो नियमानुसार उसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
डीडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चयनित लाभुकों की सूची का प्रकाशन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। साथ ही सभी चयनित महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाले लाभ, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, जिला उद्योग केंद्र, जीविका, समाज कल्याण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है। योजना के तहत चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का प्रयास है कि महिलाएं स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चयनित लाभुकों को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन, विपणन और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी प्राप्त कर सकें। इससे महिलाओं को अपने उद्यम को सफलतापूर्वक संचालित करने में मदद मिलेगी।
डीडीसी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना समाज और राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए और सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।
बैठक में चयन प्रक्रिया के साथ-साथ योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लाभुकों को मिलने वाली सहायता का नियमित मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ वास्तविक उद्देश्य के अनुरूप महिलाओं तक पहुंचे।
जिला प्रशासन का मानना है कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना जिले की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होगा।
बैठक के अंत में डीडीसी ने सभी विभागों के अधिकारियों से समन्वित प्रयास करने की अपील की और कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभागों के सहयोग से मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा और जिले की अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।