मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा’ अभियान में नवाचारी शिक्षण के लिए शिक्षिका जुली कुमारी सम्मानित, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने किया सम्मानित
पूर्णिया। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक उपलब्धि सामने आई है। धमदाहा प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका जुली कुमारी को ‘मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा’ अभियान के तहत उत्कृष्ट और नवाचारी शिक्षण कार्य के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रबींद्र कुमार प्रकाश ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया। इस उपलब्धि से शिक्षा विभाग के साथ-साथ पूरे विद्यालय परिवार और जिले के शिक्षकों में खुशी का माहौल है।
सम्मान समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जुली कुमारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बदलते समय में शिक्षा को तकनीक से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि जुली कुमारी ने मोबाइल तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया है, जो अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक है।
‘मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा’ अभियान का उद्देश्य
‘मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा’ अभियान का उद्देश्य मोबाइल फोन और डिजिटल तकनीक को शिक्षा का प्रभावी माध्यम बनाना है। इस पहल के तहत शिक्षक मोबाइल आधारित शिक्षण सामग्री तैयार कर विद्यार्थियों तक पहुंचाते हैं, ताकि वे स्कूल के साथ-साथ घर पर भी पढ़ाई जारी रख सकें।
अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को वीडियो लेक्चर, डिजिटल नोट्स, ऑडियो सामग्री, ऑनलाइन क्विज, असाइनमेंट और अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बनती है।
जुली कुमारी ने अपनाए नवाचारी तरीके
जुली कुमारी ने शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मोबाइल आधारित कई नवाचारी तरीकों को अपनाया। उन्होंने विषयवार डिजिटल कंटेंट तैयार किया, विद्यार्थियों के लिए व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई तथा नियमित रूप से ऑनलाइन गतिविधियों का आयोजन किया।
इसके अलावा उन्होंने छात्रों की सीखने की प्रगति पर लगातार नजर रखी और अभिभावकों के साथ भी नियमित संवाद स्थापित किया। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई में रुचि और सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने की सराहना
सम्मान समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी रबींद्र कुमार प्रकाश ने कहा कि शिक्षा में नवाचार समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे डिजिटल संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग करें और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जुली कुमारी जैसे शिक्षक पूरे जिले के लिए प्रेरणा हैं।
शिक्षकों में बढ़ा उत्साह
जुली कुमारी के सम्मानित होने से जिले के अन्य शिक्षकों में भी उत्साह का माहौल है। कई शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के सम्मान से बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
शिक्षकों का मानना है कि यदि तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो सीमित संसाधनों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।
विद्यालय परिवार में खुशी
सम्मान मिलने के बाद कन्या मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने जुली कुमारी को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने इसे पूरे स्कूल के लिए गर्व का क्षण बताया।
विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि जुली कुमारी हमेशा विद्यार्थियों के हित में नए-नए प्रयोग करती हैं। उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है कि उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों को मिला लाभ
जुली कुमारी के प्रयासों का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों को मिला। डिजिटल सामग्री और मोबाइल आधारित शिक्षण के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नियमित बनी रही। कई विद्यार्थियों ने बताया कि वीडियो लेक्चर और ऑनलाइन अभ्यास सामग्री से कठिन विषयों को समझना आसान हो गया।
अभिभावकों ने भी शिक्षिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मोबाइल का सकारात्मक उपयोग बच्चों की शिक्षा के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप पहल
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा’ अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) की भावना के अनुरूप है। नई शिक्षा नीति में डिजिटल शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।
जुली कुमारी का कार्य इस बात का उदाहरण है कि यदि शिक्षक नवाचार अपनाएं तो शिक्षा को अधिक प्रभावी, रोचक और सुलभ बनाया जा सकता है।
डिजिटल शिक्षा का बढ़ता महत्व
कोरोना महामारी के बाद डिजिटल शिक्षा का महत्व काफी बढ़ गया है। मोबाइल फोन अब केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा का भी एक महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में तकनीक आधारित शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा। ऐसे में शिक्षकों को लगातार नए डिजिटल कौशल सीखने और उन्हें शिक्षण में शामिल करने की आवश्यकता होगी।
अन्य शिक्षकों के लिए बनीं प्रेरणा
जुली कुमारी को मिला सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा है। यह सम्मान दर्शाता है कि समर्पण, नवाचार और तकनीक के सही उपयोग से सरकारी विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सकती है।
जिला शिक्षा विभाग ने उम्मीद जताई कि अन्य शिक्षक भी इस तरह के नवाचारी प्रयास करेंगे और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।
शिक्षा में नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सम्मान कार्यक्रम शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हैं और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाते हैं। इससे शिक्षकों में नए प्रयोग करने की भावना विकसित होती है और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलता है।
धमदाहा के कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका जुली कुमारी का सम्मान इस बात का प्रमाण है कि यदि शिक्षक समर्पण और नवाचार के साथ कार्य करें तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उनका यह सम्मान आने वाले समय में जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।