बक्सर नगर परिषद के परिसीमन की प्रक्रिया तेज, 30 अगस्त तक अंतिम प्रस्ताव होगा तैयार; दर्जनों गांवों को शामिल करने की तैयारी
बक्सर। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशों के बाद बक्सर नगर परिषद क्षेत्र के पुनर्गठन और नए सिरे से सीमा निर्धारण (परिसीमन) की प्रशासनिक प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 30 अगस्त तक विस्तृत नक्शा, थाना संख्या, जनसंख्या, चौहद्दी और अन्य आवश्यक विवरणों के साथ परिसीमन का अंतिम प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध कराएं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद प्रारूप अधिसूचना जारी की जाएगी और आम नागरिकों को अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 दिनों का अवसर दिया जाएगा।
बक्सर में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं। विस्तारित नगर परिषद का नया नक्शा तैयार किया जा रहा है, जिसमें कई नए गांवों को नगर परिषद की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस संभावित विस्तार को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है और लोग इसके संभावित प्रभावों को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
30 अगस्त तक देना होगा अंतिम प्रस्ताव
नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी जिलाधिकारी समय-सीमा का पालन करते हुए अंतिम परिसीमन प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में भेजें। प्रस्ताव में संबंधित क्षेत्र का विस्तृत मानचित्र, थाना संख्या, जनसंख्या का विवरण, राजस्व सीमा और चौहद्दी का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी जटिलता से बचा जा सकेगा और नगर निकायों के पुनर्गठन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
विस्तारित बक्सर नगर परिषद का तैयार हो रहा नक्शा
बक्सर नगर परिषद के विस्तार के लिए नया नक्शा तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य शहर की बढ़ती आबादी, शहरी विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद की सीमा का वैज्ञानिक निर्धारण करना है।
नए नक्शे में आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करने का प्रस्ताव है, जिससे शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
प्रस्तावित अधिसूचना के बाद मिलेगी आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा
अंतिम प्रस्ताव जमा होने के बाद सरकार प्रारूप अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों को 30 दिनों का समय दिया जाएगा, जिसके दौरान वे अपने सुझाव, दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
यदि किसी गांव, पंचायत या नागरिक को परिसीमन से संबंधित कोई आपत्ति होगी, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभाग के समक्ष अपनी बात रख सकेगा।
पंचायत चुनाव से पहले पूरी होगी प्रक्रिया
प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत में प्रस्तावित बिहार त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव से पहले परिसीमन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इससे प्रभावित ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और प्रशासनिक व्यवस्था को समय पर अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि समय पर परिसीमन पूरा होने से चुनाव प्रक्रिया भी सुचारु रूप से संपन्न कराई जा सकेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रस्तावित नक्शा
इस बीच सोशल मीडिया और इंटरनेट पर नगर विकास विभाग से संबंधित बताया जा रहा एक प्रस्तावित नक्शा तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक रूप से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निर्णय विभाग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद ही प्रभावी होगा।
इन गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव
प्रस्तावित नक्शे के अनुसार खुटहा, मझरिया, अर्जुनपुर, रामोबरिया, दहिबर, गड़नी, दलसागर, तिवारीपुर, परसिया, शिवपुर, हरिकिशुनपुर, नदांव, पड़री, साहोपारा, गंगौरा, चुरामनपुर, दरहपुर, शेरपुर, जगदीशपुर, पंडितपुर, सोंधिला, इजरी, हुकहा, रहसीचक, लालगंज, बटवा, मनौवरचक, सरांव, लरई, हरिपुर, उमरपुर, गोबिनापुर, पुलिया, बलिया, लक्ष्मीपुर और मिश्रवलिया सहित कई गांवों को बक्सर नगर परिषद की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
हालांकि इन गांवों को अंतिम रूप से शामिल किए जाने का निर्णय परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने और सभी दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही लिया जाएगा।
नगर परिषद विस्तार से मिल सकती हैं नई सुविधाएं
यदि प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है, तो शामिल होने वाले गांवों को नगर निकाय की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इनमें बेहतर सड़कें, नाली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य शहरी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
हालांकि इसके साथ ही नगर निकाय से जुड़े नियम, कर व्यवस्था और प्रशासनिक प्रावधान भी संबंधित क्षेत्रों में लागू हो सकते हैं।
प्रशासन ने मांगा सहयोग
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे परिसीमन प्रक्रिया में सहयोग करें और यदि उनके पास कोई सुझाव या आपत्ति हो तो निर्धारित समय के भीतर उसे आधिकारिक माध्यम से प्रस्तुत करें।
अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी और सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अंतिम निर्णय अधिसूचना के बाद
फिलहाल बक्सर नगर परिषद के परिसीमन की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर जारी है। विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और निर्धारित समय के भीतर सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद प्रारूप अधिसूचना जारी होगी, जिस पर जनता की राय ली जाएगी। सभी आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी और तभी यह तय होगा कि कौन-कौन से गांव आधिकारिक रूप से बक्सर नगर परिषद की नई सीमा का हिस्सा बनेंगे।