बस को बचाने के प्रयास में पलटा कोयला लदा ट्रक, कोयले के नीचे दबकर बाइक सवार की मौत
गया: बिहार के गया जिले में बुधवार को गया-डोभी जीटी रोड पर एक भीषण सड़क हादसे में 62 वर्षीय बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा पीपरघटी स्थित जैव विविधता पार्क के समीप उस समय हुआ, जब कोयला लदा एक ट्रक आगे चल रही बस को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसमें लदा पूरा कोयला सड़क पर बिखर गया और उसी समय बगल से गुजर रहे बाइक सवार कारू मिस्त्री उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते वे कोयले के विशाल ढेर के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
बस को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गया-डोभी जीटी रोड पर वाहनों का आवागमन सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान कोयला लेकर जा रहा एक ट्रक पीपरघटी स्थित जैव विविधता पार्क के पास पहुंचा। बताया जाता है कि ट्रक चालक ने सामने चल रही बस को टक्कर से बचाने के लिए अचानक वाहन मोड़ने की कोशिश की। तेज गति और भारी लोड के कारण ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गया।
ट्रक के पलटते ही उसमें लदा कई टन कोयला सड़क पर फैल गया। उसी समय सड़क के किनारे से गुजर रहे बाइक सवार कारू मिस्त्री सीधे उसकी चपेट में आ गए और कोयले के नीचे दब गए।
कोयले के ढेर में दब गए बाइक सवार
हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। ट्रक पलटने की तेज आवाज सुनकर लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। जब उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति कोयले के नीचे दबा हुआ है, तो तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों ने पहले अपने स्तर पर कोयला हटाने का प्रयास किया, लेकिन कोयले की मात्रा अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद जेसीबी मशीन मंगाई गई और उसकी मदद से धीरे-धीरे कोयले का ढेर हटाया गया।
जेसीबी की मदद से निकाला गया शव
करीब काफी मशक्कत के बाद जेसीबी और स्थानीय लोगों की मदद से कोयले के नीचे दबे बाइक और कारू मिस्त्री को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और बाइक को भी सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराने की कार्रवाई शुरू की गई।
मृतक की पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 62 वर्षीय कारू मिस्त्री के रूप में हुई है। वह बहेरा थाना क्षेत्र के मटन मोड़ के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही उनके परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास किया।
कारू मिस्त्री अपने परिवार के जिम्मेदार सदस्य बताए जा रहे हैं। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बस भी हुई क्षतिग्रस्त
हादसे के दौरान जिस बस को बचाने की कोशिश में ट्रक पलटा, वह भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, बस में सवार यात्रियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। बस चालक की सतर्कता और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बस के अगले हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन बड़ा हादसा टल गया।
घटनास्थल पर लगी लोगों की भीड़
दुर्घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। कुछ समय के लिए सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और ट्रक तथा सड़क पर फैले कोयले को हटाने का काम शुरू कराया।
राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बस को बचाने के प्रयास में ट्रक चालक का वाहन पर नियंत्रण खो गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
अधिकारियों का कहना है कि ट्रक की गति, चालक की लापरवाही और सड़क की स्थिति सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गया-डोभी जीटी रोड पर बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए और भारी वाहनों की गति पर सख्ती से निगरानी रखी जाए।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और यातायात नियमों का पालन करना ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारी वाहनों के चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि छोटे वाहन और दोपहिया चालक ऐसे हादसों में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
कारू मिस्त्री की दर्दनाक मौत से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। ऐसे में यातायात नियमों का पालन, वाहन की नियमित जांच और जिम्मेदारी के साथ ड्राइविंग ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।