सीओ ने नाव से शंकरपुर पंचायत का लिया जायजा, पंचायत पूरी तरह बाढ़ की चपेट में प्रभावित परिवारों की स्थिति देखी, राहत-बचाव और आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा
शंकरपुर : बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होने के बाद शंकरपुर पंचायत पूरी तरह प्रभावित हो गई है। चारों ओर पानी फैल जाने से कई गांवों और टोले के लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित है। स्थिति का जायजा लेने के लिए अंचलाधिकारी (सीओ) ने नाव से पंचायत के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पानी से घिरे गांवों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत व बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
शंकरपुर पंचायत में बाढ़ का पानी फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर आवागमन के रास्ते पानी में डूब गए हैं, जिससे गांवों के बीच संपर्क प्रभावित हो रहा है। लोगों को आवश्यक वस्तुएं, बाजार, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे क्षेत्रों में नाव ही फिलहाल आवागमन का मुख्य साधन बनी हुई है।
नाव से पहुंचकर लिया स्थिति का जायजा
सीओ ने नाव से पंचायत के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ के पानी से घिरे घरों, सड़कों और संपर्क मार्गों की स्थिति देखी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
कई परिवारों ने बताया कि पानी बढ़ने के कारण दैनिक जीवन मुश्किल हो गया है। आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने से राशन और अन्य आवश्यक सामानों की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सामग्री, सुरक्षित पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
सीओ ने अधिकारियों और स्थानीय कर्मियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों की सूची तैयार करने तथा राहत व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
बीमार और बुजुर्ग लोगों की सहायता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों में जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था रखने पर जोर दिया गया है।
पशुपालकों की बढ़ी चिंता
बाढ़ से पशुपालकों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित स्थान की समस्या सामने आ रही है। कई ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
सीओ ने स्थानीय अधिकारियों को पशुओं के लिए चारे और आवश्यक सहायता की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। बाढ़ प्रभावित लोगों की तरह पशुधन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
आवागमन पूरी तरह प्रभावित
पंचायत के कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों को छोटी दूरी तय करने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, मजदूरी और रोजमर्रा के कामकाज पर भी बाढ़ का असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी का स्तर यदि और बढ़ा तो स्थिति और कठिन हो सकती है। ग्रामीण प्रशासन से लगातार राहत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
निरीक्षण के बाद प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। बाढ़ के पानी और तेज धार वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई। बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान रखने तथा जरूरत पड़ने पर प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया है।