तिलावे नदी से महिला का शव मिलने से हड़कंप, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

सहरसा/बनमा ईटहरी: जिले के बनमा ईटहरी थाना अंतर्गत मनियां गांव में एक 50 वर्षीय महिला का शव तिलावे नदी से मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतका की पहचान मनियां गांव निवासी मीना देवी के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। परिजनों ने मृतका के पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर पारिवारिक विवाद के चलते हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद भारी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए और न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

घटना का विवरण

मिली जानकारी के अनुसार, मीना देवी कल शाम से ही घर से गायब थी। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आज सुबह ग्रामीणों ने तिलावे नदी के किनारे महिला का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना जंगल की आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। परिजन तुरंत मौके पर पहुँचे और शव की शिनाख्त मीना देवी के रूप में की।

शव की स्थिति को देखकर परिजनों ने आशंका जताई कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे नदी के किनारे फेंका गया है।

परिजनों का आरोप और प्रदर्शन

घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। उनका आरोप था कि मीना देवी की हत्या पारिवारिक कलह के कारण की गई है। आक्रोशित लोगों का कहना था कि ससुराल पक्ष के लोग लंबे समय से मृतका के साथ मारपीट और विवाद करते थे।

परिजनों का बयान: "कल रात से ही मीना लापता थी, लेकिन ससुराल वालों ने हमें इसकी सूचना नहीं दी। हमें पूरा यकीन है कि विवाद के चलते उनकी जान ली गई है और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को नदी किनारे फेंक दिया गया।"

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। सड़क जाम के कारण घंटों यातायात बाधित रहा, जिससे राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही बनमा ईटहरी थाना की पुलिस मौके पर पहुँची। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के परिजनों के बयान के आधार पर नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक कुल चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल

इस दर्दनाक घटना ने मनियां गांव में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:

पारिवारिक विवाद की अनदेखी: क्या प्रशासन को पहले से इन विवादों की जानकारी थी? यदि हां, तो इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे?

नदी का किनारा और साक्ष्य: अपराधियों का इतने बेखौफ होकर शव को नदी किनारे फेंक देना पुलिसिया गश्त और निगरानी पर सवाल उठाता है।

जांच का दायरा: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मृतका के साथ घटनास्थल पर कोई अन्य अनहोनी भी हुई थी।

जांच की दिशा

पुलिस अब इन बिंदुओं पर जांच को आगे बढ़ा रही है:

पोस्टमार्टम रिपोर्ट: शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत डूबने से हुई है या गला घोंटकर।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): घटना की रात किन लोगों के बीच बातचीत हुई, इसका पता लगाने के लिए फोन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

फोरेंसिक टीम: घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि कोई भी सुराग छूट न जाए।

मीना देवी की असामयिक मृत्यु ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि गांव में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस द्वारा की गई चार गिरफ्तारियां इस मामले में कड़ी कार्रवाई की ओर इशारा करती हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस केस का खुलासा करती है और दोषियों को अदालत के कठघरे तक पहुँचाती है।