पटना में कल BJP का बड़ा 'अतिपिछड़ा सम्मेलन', मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी की अगुवाई में नए EBC विधान पार्षदों का होगा भव्य अभिनंदन
बिहार की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले अतिपिछड़ा (EBC) समाज को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) कल यानी सोमवार (22 जून) को राजधानी पटना में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में 'अतिपिछड़ा सम्मेलन एवं अभिनंदन सह आभार समारोह' का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजन स्थल व समय: सोमवार (22 जून) को पटना के ऐतिहासिक श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में होगा सम्मेलन।
मुख्य अतिथि: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और कई केंद्रीय मंत्री रहेंगे मौजूद।
उद्देश्य: नव-निर्वाचित अतिपिछड़ा (EBC) MLC का सम्मान और बिहार के 36% से अधिक EBC वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करना।
इस महासम्मेलन के संयोजक और बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद चंद्रवंशी ने शनिवार को पटना के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस भव्य आयोजन की आधिकारिक जानकारी साझा की थी।
नए अतिपिछड़ा विधान पार्षदों (MLC) का होगा सम्मान
इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण अतिपिछड़ा समाज से आने वाले भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों (MLC) का सम्मान समारोह है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अतिपिछड़ा समाज के नेताओं को सदन में प्रतिनिधित्व दिए जाने के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए इस मंच का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत एनडीए और केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई दिग्गज नेता शामिल होकर समाज को संबोधित करेंगे।
"संगठित होने से ही बुलंद होगी आवाज" - मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी
महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा:
"अतिपिछड़ा समाज जनसंख्या और संख्या बल के लिहाज से राज्य में बेहद मजबूत और निर्णायक स्थिति में है। लेकिन, जब तक यह पूरा समाज संगठित होकर एक मंच पर नहीं आएगा, तब तक इसकी राजनैतिक और सामाजिक आवाज उतनी प्रभावी नहीं बन पाएगी। यह सम्मेलन इसी एकजुटता का प्रतीक बनेगा।"
राजनैतिक मायने: 36% से अधिक EBC वोट बैंक पर भाजपा की नजर
बिहार में अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) की आबादी 36 प्रतिशत से भी अधिक है, जो राज्य का सबसे बड़ा और निर्णायक वोट बैंक माना जाता है। पारंपरिक तौर पर इस वर्ग को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू (JDU) का 'कोर वोटर' माना जाता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को होने जा रहे इस महासम्मेलन के जरिए भाजपा सीधे तौर पर अतिपिछड़ा वर्ग में अपनी पैठ और पकड़ को पहले से कहीं अधिक मजबूत करना चाहती है ताकि आने वाले चुनावों में इस बड़े सामाजिक आधार का पूरा लाभ उठाया जा सके।
सम्मेलन को लेकर पूरे राज्य से अतिपिछड़ा समाज के कार्यकर्ताओं और नेताओं का पटना पहुंचना शुरू हो चुका है और बीजेपी इसे पूरी तरह ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी है।