बिहार कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: मात्र ₹2100 में पटना की हवाई सैर, 'हेली-पर्यटन योजना 2026' को मिली मंजूरी

पटना: राज्य में पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और यातायात को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026' के प्रारूप को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।

इस योजना के जरिए बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे समय की बचत होगी और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।

प्रथम चरण की अवधि: 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक।

उद्देश्य: व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

पटना में 'जॉय राइड': ₹2100 में आसमान से दिखेगी राजधानी

इस योजना का सबसे रोमांचक हिस्सा पटनावासियों और पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर जॉय राइड (Joy Ride) है। इसके माध्यम से लोग आसमान से पटना साहिब गुरुद्वारा, गंगा पाथ-वे और पटना की खूबसूरत स्काईलाइन का दीदार कर सकेंगे।

किराया: मात्र ₹2,100 प्रति व्यक्ति (रियायती दर)।

संचालन के दिन: हर शनिवार और रविवार।

पहले चरण में इन 3 प्रमुख पर्यटन स्थलों की होगी हवाई सैर

पर्यटन विभाग के अनुसार, इन रूटों पर सफर करने के लिए यात्रियों को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) द्वारा तैयार विशेष 'टूरिज्म पैकेज' लेना अनिवार्य होगा:

वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण): बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व की हवाई सैर के लिए राजकीय वायुयान (सरकारी विमान) का उपयोग किया जाएगा। (किराया: ₹5,000 प्रति यात्री)

राजगीर (नालंदा): अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल की वादियों की हवाई सैर के लिए 8-सीटर किराये का हेलीकॉप्टर तैनात होगा। (किराया: ₹4,000 प्रति यात्री)

मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर): भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक के दर्शन के लिए हवाई सेवा उपलब्ध होगी। (किराया: ₹6,000 प्रति यात्री)

⚙️ हवाई क्षमता: इन सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले हेलीकॉप्टरों की क्षमता 6+2 (6 यात्री + 2 क्रू) की होगी, जिसमें एक बार में अधिकतम 5 सीटें ही पर्यटकों के लिए बुक की जा सकेंगी।

कैबिनेट बैठक के अन्य 3 बड़े फैसले

पर्यटन के साथ-साथ इस बैठक में रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक यात्राओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026: ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे तैयार करने पर सरकार प्रति कमरा ₹2.5 लाख की कैपिटल सब्सिडी देगी। महिला, स्वयं सहायता समूह (SHG) और 18-25 वर्ष के युवा उद्यमियों को ₹25,000 प्रति कमरा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता योजना 2026: लद्दाख स्थित सिंधु नदी के दर्शन के लिए जाने वाले बिहार के निवासियों को राज्य सरकार कुल यात्रा खर्च का 50% या अधिकतम ₹20,000 प्रति यात्री की वित्तीय सहायता देगी।

सरकारी नौकरी में उम्र सीमा और नियमों में छूट: युवाओं को रोजगार के जल्द अवसर देने के लिए नागरिक सुरक्षा निदेशालय में आशुलिपिक (Stenographer) जैसे विशिष्ट पदों पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है। इसके साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियमों में भी संशोधन किया गया है।

बिहार सरकार की इस अनूठी पहल से जहां राज्य के पर्यटन मानचित्र को नई गति मिलेगी, वहीं आम नागरिकों को भी बेहद किफायती दरों पर हवाई सफर का रोमांच मिल सकेगा।