सहरसा में 5 जुलाई को होगा बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ का प्रमंडलीय शिक्षक संवाद सह सम्मेलन, शिक्षकों की मांगों पर होगी बड़ी चर्चा

सहरसा। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ आगामी 5 जुलाई को सहरसा में प्रमंडलीय शिक्षक संवाद सह सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इस सम्मेलन में कोसी प्रमंडल सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक, संघ के पदाधिकारी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नियोजित शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं पर व्यापक चर्चा करना और उनके समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार सम्मेलन में कालबद्ध प्रोन्नति, स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, वेतन विसंगतियां, सेवा शर्तों में सुधार, शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।

शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं पर होगा मंथन

संघ का कहना है कि राज्य के नियोजित शिक्षक लंबे समय से कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर सरकार से समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। सम्मेलन में इन मुद्दों को विस्तार से उठाया जाएगा और शिक्षकों से सुझाव भी लिए जाएंगे।

संघ का मानना है कि समय पर पदोन्नति, स्पष्ट सेवा नियम और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कालबद्ध प्रोन्नति की मांग होगी प्रमुख मुद्दा

सम्मेलन में कालबद्ध प्रोन्नति का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जाएगा। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद कई शिक्षकों को समय पर पदोन्नति नहीं मिल पाती, जिससे उनके वेतन और कैरियर दोनों प्रभावित होते हैं।

संघ की मांग है कि सभी पात्र शिक्षकों को निर्धारित अवधि पूरी होने पर बिना अनावश्यक विलंब के प्रोन्नति का लाभ दिया जाए।

स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति पर भी होगी चर्चा

सम्मेलन में स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति का विषय भी प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगा। संघ का कहना है कि आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले शिक्षकों को समय पर स्नातक ग्रेड का लाभ मिलना चाहिए।

शिक्षकों का मानना है कि इससे न केवल उनके वेतनमान में सुधार होगा बल्कि कार्य के प्रति उनका उत्साह और प्रेरणा भी बढ़ेगी।

पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग

सम्मेलन में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme - OPS) को लागू करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जाएगी।

संघ का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है। शिक्षकों का मानना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था उन्हें भविष्य में अधिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।

इस मुद्दे पर सम्मेलन में विस्तृत चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

सेवा शर्तों और वेतन संबंधी मुद्दों पर भी विचार

सम्मेलन में शिक्षकों की सेवा शर्तों में सुधार, वेतन संबंधी विसंगतियों के समाधान, स्थानांतरण नीति, समय पर वेतन भुगतान और अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर भी चर्चा होगी।

संघ का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए तो शिक्षकों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

शिक्षा की गुणवत्ता पर भी होगा संवाद

कार्यक्रम केवल शिक्षकों की मांगों तक सीमित नहीं रहेगा। सम्मेलन में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।

शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।

बड़ी संख्या में शिक्षकों के शामिल होने की उम्मीद

संघ के अनुसार सहरसा में आयोजित इस सम्मेलन में कोसी प्रमंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक भाग लेंगे। इसके अलावा संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को उनकी सेवा संबंधी अधिकारों, सरकारी नीतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

साझा रणनीति होगी तैयार

सम्मेलन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करना भी है।

संघ का कहना है कि शिक्षकों के सुझावों के आधार पर सरकार के समक्ष मांगों को प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आगे की लोकतांत्रिक और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी विचार किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल उनके हित में ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए आवश्यक है।

उनका मानना है कि जब शिक्षक संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करेंगे, तब वे विद्यार्थियों को और बेहतर शिक्षा देने में सक्षम होंगे। इसलिए सरकार को शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद

सम्मेलन में शामिल होने वाले शिक्षक सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जता रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि शिक्षकों में व्याप्त असंतोष दूर हो सके।

संघ का कहना है कि वह सरकार के साथ संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहता है और शिक्षा व्यवस्था के विकास में सकारात्मक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

5 जुलाई को सहरसा में आयोजित होने वाला बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ का प्रमंडलीय शिक्षक संवाद सह सम्मेलन नियोजित शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का प्रमुख मंच बनेगा। सम्मेलन में कालबद्ध प्रोन्नति, स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सेवा शर्तों में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तार से मंथन होगा। शिक्षकों को उम्मीद है कि सम्मेलन में तैयार होने वाली रणनीति उनके हितों की रक्षा करने और सरकार तक उनकी आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।