बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में होगा औद्योगिक विस्तार; एक्सप्रेसवे के पास 781 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
पटना (बिहार)
बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 29 एजेंडों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से सबसे अहम फैसला राज्य के तीन जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण को मंजूरी देना है।
सरकार ने सहरसा, पूर्णिया और कैमूर जिले में नए औद्योगिक हब और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए करोड़ों रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया गया है।
कैमूर के चांद और चैनपुर में 781 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के नजदीक कैमूर जिले में बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
कहां होगी खरीदारी: कैमूर जिले के अंचल चांद और चैनपुर के अंतर्गत आने वाली जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा।
कितनी जमीन: कुल 781.18 एकड़ भूमि का अधिग्रहण 'आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार' (IDA) के माध्यम से किया जाएगा।
बजट: इस भूमि अधिग्रहण के लिए कैबिनेट ने 2 अरब 30 करोड़ 64 लाख 95 हजार नौ रुपये (₹230.64 करोड़) की भारी-भरकम राशि मंजूर की है।
सहरसा और पूर्णिया में भी औद्योगिक क्षेत्रों का होगा विस्तार
कैमूर के अलावा उत्तर बिहार और सीमांचल के दो अन्य जिलों में भी औद्योगिक विकास के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव पास हुए हैं:
सहरसा औद्योगिक क्षेत्र: सहरसा में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वनगांव और देवनागोपाल मौजा में करीब 420.63 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए 88.01 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
पूर्णिया औद्योगिक क्षेत्र: पूर्णिया में भी उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिस पर लगभग 1.25 अरब (₹125 करोड़) रुपये खर्च किए जाएंगे।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
भूमि अधिग्रहण के अलावा इस बैठक में जनता और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अन्य लोक-लुभावन और जरूरी फैसलों पर मुहर लगी है:
₹2100 में हेलीकॉप्टर की सैर (हवाई पर्यटन): बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'मुख्यमंत्री हेली-टूरिज्म सेवा' को मंजूरी मिली है। इसके तहत लोग मात्र ₹2100 का टिकट लेकर पटना की स्काईलाइन का हवाई नजारा देख सकेंगे। साथ ही राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर के मां मुंडेश्वरी मंदिर के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी।
सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन बिक्री की छूट: बिहार के 11 शहरों के आसपास बनने वाले 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगे प्रतिबंध में ढील दी गई है। अब विशेष परिस्थितियों (जैसे शादी या बीमारी) में किसान सरकार को अपनी जमीन बेच सकेंगे।
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी: 'बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ी सीधी भर्ती नियमावली' में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले बिहार के खिलाड़ियों को सीधे उच्च श्रेणी (Higher Grade) की सरकारी नौकरियां मिल सकेंगी।
सिंधु दर्शन यात्रा के लिए सहायता: लद्दाख में होने वाली 'सिंधु दर्शन' तीर्थयात्रा पूरी करने वाले बिहार के श्रद्धालुओं को 'वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026' के तहत यात्रा खर्च का 50% या अधिकतम ₹20,000 की सहायता दी जाएगी।