भोलानाथ फ्लाईओवर निर्माण पर रेलवे की मंजूरी का इंतजार, स्टील गर्डर लॉन्चिंग में देरी से बढ़ी चिंता
भागलपुर। शहर के सबसे महत्वपूर्ण सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल मिरजानहाट शीतला स्थान से भीखनपुर गुमटी नंबर तीन तक बनने वाले भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इन दिनों रेलवे की अनुमति के इंतजार में अटकता नजर आ रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से रेलवे क्षेत्र में स्टील गर्डर लॉन्चिंग के लिए तैयार की गई योजना को करीब चार महीने पहले ही मालदा रेल मंडल को भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक रेलवे की ओर से अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है।
निर्माण कार्य में हो रही इस देरी को लेकर परियोजना से जुड़ी एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की अनुमति मिलने के बाद ही फ्लाईओवर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से का काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल निर्माण एजेंसी रेलवे की स्वीकृति का इंतजार कर रही है।
रेलवे हिस्से में स्टील गर्डर लॉन्चिंग बनी बड़ी बाधा
भोलानाथ फ्लाईओवर परियोजना में रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले हिस्से का निर्माण सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इस हिस्से में भारी स्टील गर्डर लगाए जाने हैं, जिसके लिए रेलवे की तकनीकी और सुरक्षा संबंधी अनुमति आवश्यक होती है।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने स्टील गर्डर लॉन्चिंग की पूरी योजना तैयार कर मालदा रेल मंडल को भेजी थी। इसमें गर्डर लगाने का समय, रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था, मशीनों की स्थिति और यातायात प्रबंधन से जुड़ी जानकारी शामिल है।
हालांकि, रेलवे की ओर से अब तक अनुमति नहीं मिलने के कारण यह कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे फ्लाईओवर निर्माण की गति प्रभावित हो रही है।
शहरवासियों को लंबे समय से है फ्लाईओवर का इंतजार
भागलपुर शहर में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए भोलानाथ फ्लाईओवर को बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। शहर के इस इलाके में अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है।
मिरजानहाट, शीतला स्थान, भीखनपुर और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। रेलवे क्रॉसिंग और सड़क पर बढ़ते यातायात के कारण लोगों को कई बार घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
फ्लाईओवर बनने के बाद लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे शहर के दक्षिणी हिस्से और मुख्य बाजार क्षेत्र के बीच आवागमन आसान होगा।
परियोजना पूरी होने से बदलेगी शहर की तस्वीर
भोलानाथ फ्लाईओवर को भागलपुर के भविष्य के यातायात ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद न केवल आम लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
फ्लाईओवर बनने से मालवाहक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन के संचालन में भी सुधार आएगा। इससे शहर के प्रमुख इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा का समय घटेगा।
शहर के व्यवसायियों का कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क से बाजारों तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
निर्माण एजेंसी की बढ़ी चिंता
निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवर के अधिकांश हिस्सों पर काम आगे बढ़ रहा है, लेकिन रेलवे क्षेत्र में काम शुरू नहीं होने से परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।
स्टील गर्डर लॉन्चिंग एक तकनीकी रूप से संवेदनशील कार्य है। इसके लिए रेलवे ट्रैक पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करनी होती है और ट्रेनों के परिचालन को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करनी पड़ती है।
रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद ही तय कार्यक्रम के अनुसार गर्डर लगाने का काम शुरू किया जा सकेगा।
रेलवे और पुल निर्माण निगम के बीच समन्वय जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं में अनुमति प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से समय लेने वाली होती है, क्योंकि सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है।
हालांकि, ऐसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए रेलवे और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि फ्लाईओवर जैसे बड़े प्रोजेक्ट में देरी से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए रेलवे और संबंधित विभागों को जल्द निर्णय लेकर काम को गति देनी चाहिए।
जाम की समस्या से मिलेगी राहत
भागलपुर में यातायात व्यवस्था लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। शहर की सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सड़क क्षमता सीमित है।
भोलानाथ फ्लाईओवर बनने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर रुकने वाली गाड़ियों और वाहनों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। इससे आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को भी बेहतर रास्ता मिलेगा।
लोगों की उम्मीदें बढ़ीं
शहरवासियों को उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही स्टील गर्डर लॉन्चिंग की योजना को मंजूरी देगा और फ्लाईओवर निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि भागलपुर के विकास और भविष्य की यातायात व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
अगर समय पर निर्माण पूरा होता है तो भोलानाथ फ्लाईओवर शहर की सबसे बड़ी यातायात समस्याओं में से एक का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।
भोलानाथ फ्लाईओवर भागलपुर के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। लेकिन रेलवे की मंजूरी में देरी के कारण निर्माण की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
अब सभी की नजर मालदा रेल मंडल की अनुमति पर टिकी है। जैसे ही रेलवे से हरी झंडी मिलती है, उम्मीद है कि स्टील गर्डर लॉन्चिंग का काम शुरू होगा और परियोजना तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ेगी।