सदर अस्पताल में गूंजी किलकारियां, 'बेटी जन्मोत्सव सह कन्या रत्न सम्मान समारोह' में बेटियों की मुस्कान से महका परिसर

भागलपुर: समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की अनूठी पहल शनिवार को भागलपुर सदर अस्पताल में देखने को मिली। अस्पताल परिसर में 'बेटी जन्मोत्सव सह कन्या रत्न सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया, जिसने न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली में एक मानवीय चेहरा जोड़ा, बल्कि लिंगानुपात सुधारने और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को भी सशक्त बनाया।

उत्सव का माहौल: सदर अस्पताल में उमड़ा उत्साह

शनिवार का दिन सदर अस्पताल में एक खास माहौल लेकर आया। अस्पताल प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उन माताओं और नवजात बच्चियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इसी सप्ताह अस्पताल में जन्म लिया था। जन्म लेने वाली बच्चियों के स्वागत में अस्पताल परिसर को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया था। जब नवजात कन्याओं की माताओं को उपहार और प्रशस्ति पत्र दिए गए, तो अस्पताल का पूरा माहौल भावुकता और खुशी से सराबोर हो गया।

सशक्त बेटी, समृद्ध समाज

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि "बेटी केवल परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का रत्न है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हमें अपनी मानसिकता बदलनी होगी। बेटा और बेटी में अंतर करने वाली पुरानी सोच को त्यागकर, कन्याओं के जन्म को गर्व के साथ मनाना चाहिए।

समारोह में उपस्थित प्रसूता माताओं को 'बेटी जन्मोत्सव' किट भेंट की गई, जिसमें बच्चियों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए जरूरी वस्तुएं शामिल थीं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जन्म के साथ ही बेटियों को वह सम्मान मिले जिसकी वे हकदार हैं।

कन्या रत्न सम्मान: प्रोत्साहन की एक नई किरण

'कन्या रत्न सम्मान' के तहत उन परिवारों को भी प्रोत्साहित किया गया जिन्होंने अपनी नवजात बेटियों का पूरे उत्साह से स्वागत किया। अस्पताल प्रशासन ने इस दौरान उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे- सुकन्या समृद्धि योजना, टीकाकरण और शिक्षा संबंधित जानकारी भी दी।

अस्पताल के डॉक्टरों ने माताओं को स्तनपान, स्वच्छता और बच्चियों के शुरुआती टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में शामिल हुए समाजसेवियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

बदलाव की बयार: 'बधाई हो, बेटी हुई है'

अक्सर देखा जाता है कि बेटियों के जन्म पर परिवारों में वैसी खुशी नहीं जताई जाती, जैसी बेटों के होने पर होती है। भागलपुर सदर अस्पताल के इस आयोजन ने उस रूढ़िवादिता को चुनौती दी है। कार्यक्रम के दौरान जब अस्पताल के स्टाफ ने पूरी गर्मजोशी के साथ माताओं को बधाई दी और उनके साथ केक काटकर उत्सव मनाया, तो कई माताओं की आंखों में खुशी के आंसू थे।

भविष्य की ओर एक कदम

सदर अस्पताल के अधीक्षक ने जानकारी दी कि अब हर शनिवार को ऐसी बच्चियों के लिए 'बेटी जन्मोत्सव' मनाया जाएगा जिनका जन्म उस सप्ताह अस्पताल में हुआ है। यह आयोजन न केवल बेटियों के प्रति प्रेम दर्शाने का माध्यम है, बल्कि यह अस्पताल में प्रसव की संख्या बढ़ाने और सुरक्षित प्रसव के प्रति महिलाओं को जागरूक करने का एक तरीका भी है।

इस 'बेटी जन्मोत्सव सह कन्या रत्न सम्मान समारोह' ने भागलपुर के सदर अस्पताल को सिर्फ एक चिकित्सा केंद्र से बदलकर एक सामाजिक सरोकार के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो समाज की सोच को एक नई और सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।