श्यामपुर मुखर्जी टोला में भक्तिमय हुआ माहौल, विधायक शुभानंद मुकेश ने किया भव्य पंचमुखी हनुमान मंदिर का उद्घाटन
कहलगांव (भागलपुर): कहलगांव प्रखंड के श्यामपुर पंचायत अंतर्गत मुखर्जी टोला में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक नया केंद्र स्थापित हो गया है। शुक्रवार को नवनिर्मित भव्य पंचमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत स्थानीय विधायक शुभानंद मुकेश ने फीता काटकर मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया। इस पुनीत अवसर पर पूरा क्षेत्र 'जय श्री राम' और 'जय बजरंग बली' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। मंदिर के उद्घाटन समारोह में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
प्राण प्रतिष्ठा: वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा वातावरण
मंदिर के उद्घाटन से पूर्व तीन दिवसीय अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। शुक्रवार की सुबह आचार्य और ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मुख्य यजमान के रूप में प्रभाष चंद्र मुखर्जी और उनकी धर्मपत्नी ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न की। यज्ञ मंडप में आहुतियां देने के बाद प्रतिमा को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए।
विधायक का सम्मान और संकल्प
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक शुभानंद मुकेश का स्थानीय ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। मंदिर के उद्घाटन के पश्चात विधायक ने गर्भगृह में जाकर बजरंग बली का आशीर्वाद लिया। अपने संबोधन में विधायक ने कहा, "श्यामपुर के मुखर्जी टोला में इस दिव्य मंदिर की स्थापना से न केवल धार्मिक चेतना का संचार होगा, बल्कि यह स्थान सामाजिक सद्भाव और शांति का भी प्रतीक बनेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि धर्म और संस्कृति को बचाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मंदिर निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ग्रामीणों की सराहना की और घोषणा की कि मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए वे हर संभव सहयोग करेंगे।
श्रद्धालुओं का उत्साह और जनसैलाब
प्रातः काल से ही आसपास के दर्जनों गांवों से भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। मंदिर समिति के अनुसार, इस उद्घाटन समारोह में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे शामिल हुए। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर के गर्भगृह की भव्यता और पंचमुखी हनुमान जी की अलौकिक प्रतिमा को देख भक्त भाव-विभोर हो गए।
समारोह के दौरान एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। शाम तक चले इस कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों ने भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
मंदिर निर्माण की कहानी: सामूहिक प्रयास का प्रतिफल
मुखर्जी टोला के ग्रामीणों ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण जनसहयोग से संभव हो पाया है। मुख्य यजमान प्रभाष चंद्र मुखर्जी ने भावुक होते हुए कहा, "यह मंदिर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि हम सभी ग्रामीणों की श्रद्धा का परिणाम है। काफी समय से गांव के लोग एक ऐसे केंद्र की कामना कर रहे थे, जहां बैठकर सब एक साथ प्रार्थना कर सकें।" उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले दानदाताओं और कार्यकर्ताओं का विशेष आभार व्यक्त किया।
क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
पंचमुखी हनुमान मंदिर की वास्तुशिल्प कला भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर का भव्य गुंबद और उस पर की गई नक्काशी देखते ही बनती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आसपास के लोग अब नियमित रूप से पूजा-पाठ के लिए यहां पहुंचेंगे, जिससे गांव में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।
सुरक्षा और व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। कहीं भी किसी को असुविधा न हो, इसके लिए अलग-अलग टीमें तैनात थीं। कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति ने विधायक शुभानंद मुकेश, मुख्य यजमान प्रभाष चंद्र मुखर्जी और सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस उद्घाटन समारोह ने न केवल मुखर्जी टोला की पहचान को एक नई दिशा दी है, बल्कि कहलगांव के धार्मिक मानचित्र पर एक और महत्वपूर्ण स्थान जोड़ दिया है। मंदिर का यह स्वरूप आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था का मजबूत स्तंभ बना रहेगा।