पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, बिना सरकारी आदेश किराया बढ़ाने पर DTO ने दी कार्रवाई की चेतावनी
पटना। राजधानी पटना की सड़कों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से आम यात्री परेशान हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर के प्रमुख रूटों पर चालकों ने बिना किसी प्रशासनिक आदेश के किराए में 5 से 10 रुपये तक की अवैध बढ़ोतरी कर दी है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने सख्त चेतावनी जारी की है और उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
बिना अनुमति किराया वृद्धि: ऑटो और ई-रिक्शा यूनियन ईंधन (पेट्रोल, डीजल, सीएनजी) की बढ़ती कीमतों और रखरखाव के खर्चों का हवाला देकर मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
यात्रियों की परेशानी: बोरिंग रोड-राजापुर, पटना जंक्शन-कंकड़बाग और गांधी मैदान-दानापुर जैसे व्यस्त रूटों पर यात्रियों से 15-20% अधिक किराया वसूला जा रहा है।
प्रशासनिक रुख: जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक 'किराया निर्धारण समिति' (Fare Determination Committee) की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक किसी भी तरह की बढ़ोतरी अवैध है।
| पहलू | स्थिति |
|---|---|
| मुख्य शिकायत | बिना सरकारी आदेश के 5-10 रुपये प्रति सवारी अतिरिक्त वसूली। |
| प्रशासन का स्टैंड | बिना अनुमति किराया बढ़ाना गैर-कानूनी; DTO ने कार्रवाई की चेतावनी दी। |
| चालकों का तर्क | ईंधन और मेंटेनेंस खर्च में बढ़ोतरी के कारण काम करना कठिन। |
| अनिवार्यता | सभी वाहनों पर रूटवार किराया सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है। |
किराया सूची का प्रदर्शन: परिवहन कार्यालय के अनुसार, सभी ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों को अपने वाहनों पर आधिकारिक रूट चार्ट और किराया सूची लगाना अनिवार्य है।
शिकायत केंद्र: प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई चालक अधिक किराया मांगता है, तो वे इसकी सूचना जिला परिवहन कार्यालय या नजदीकी थाना को दें।
कानूनी कार्रवाई: डीटीओ ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसका परमिट रद्द किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
फिलहाल पटना में आम यात्री और चालकों के बीच किराए को लेकर रोजाना विवाद हो रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन साथ ही किराया निर्धारण समिति को भी जल्द ही एक तार्किक समाधान निकालने की जरूरत है ताकि न तो यात्रियों की जेब पर अनावश्यक बोझ पड़े और न ही चालकों का काम बंद हो।