पटना शहर से बाहर शिफ्ट होंगे सभी कोचिंग संस्थान! सीएम सम्राट चौधरी ने किया 'स्पेशल कोचिंग हब' बनाने का ऐलान

पटना: बिहार की राजधानी पटना में निजी कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहे हाई-वोल्टेज विवाद और सड़कों पर मचे हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग की करीब ₹286 करोड़ से अधिक की 157 शहरी विकास परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम ने स्पष्ट घोषणा की है कि पटना के सभी कोचिंग सेंटरों को अब सिटी एरिया (भीड़भाड़ वाले मुख्य शहर) से बाहर एक व्यवस्थित और समर्पित केंद्र (Organized Center) में शिफ्ट किया जाएगा।

 पटना के बाहर बनेगा स्पेशल 'कोचिंग हब'

नगर विकास विभाग के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का इतिहास हमेशा से गौरवशाली रहा है, लेकिन आज शहर के बीचों-बीच चल रहे कोचिंग सेंटरों के कारण आम जनता को भारी ट्रैफिक और जाम का सामना करना पड़ रहा है।

सीएम ने कहा:

"जितने भी कोचिंग संस्थान पटना शहर में संचालित हैं, उन्हें सिटी एरिया से बाहर एक जगह पर होना चाहिए। हमारा आग्रह है कि वे पटना के मुख्य शहर से बाहर चलें ताकि आम नागरिकों की परेशानी कम हो सके।"

  66 हजार एकड़ में बसेगा नया 'पाटलिपुत्रा टाउनशिप'

पटना शहर को सुंदर, विकसित और जाम-मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़े मेगा प्लान का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सरकार पटना के विस्तार के लिए 66 हजार एकड़ भूमि पर एक नया 'पाटलिपुत्रा टाउनशिप' बसाने जा रही है।

क्या होंगी सुविधाएं: इस नए हाई-टेक शहर में वर्ल्ड क्लास शिक्षा (Coaching Hubs), स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली-पानी और आधुनिक सफाई व्यवस्था बहाल की जाएगी।

प्लानिंग का हिस्सा: इसी नए टाउनशिप के भीतर ही कोचिंग संस्थानों के लिए एक अलग, आधुनिक और संगठित जोन अलॉट किया जाएगा, जिससे छात्रों को एक ही परिसर में लाइब्रेरी, हॉस्टल और क्लासरूम्स की बेहतरीन सुविधाएं मिल सकें।

 क्यों पड़ी इस बड़े फैसले की जरूरत? 

हाल ही में पटना के दो सबसे बड़े कोचिंग संचालकों—'खान ग्लोबल स्टडीज' के खान सर और 'ज्ञान बिंदु' के रोशन आनंद सर के बीच छात्रों के क्रेडिट की लड़ाई इतनी बढ़ गई थी कि सड़क पर तोड़फोड़ और भारी हंगामा हुआ था। इसके बाद पुलिस एक्शन हुआ और कोचिंग संचालक को जेल तक जाना पड़ा।

शहर के रिहायशी इलाकों (जैसे नया टोला, मुसल्लहपुर हाट और बोरिंग रोड) में लाखों छात्रों की भीड़ के कारण लॉ एंड ऑर्डर (कानून व्यवस्था) और ट्रैफिक मैनेजमेंट फेल हो रहा था। इसी को देखते हुए नगर विकास विभाग, बुडको (BUIDCO) और पटना नगर निगम को अब कोचिंग संस्थानों के लिए अलग व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह कदम दूरगामी है। जहां एक तरफ इससे पुराने पटना शहर को ट्रैफिक जाम और बेतरतीब भीड़ से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ 66 हजार एकड़ में बनने वाला नया पाटलिपुत्रा टाउनशिप बिहार के छात्रों को कोटा की तर्ज पर एक व्यवस्थित 'एजुकेशन सिटी' का माहौल दे पाएगा। देखना यह होगा कि सरकार इस स्थानांतरण (shifting) की प्रक्रिया को कितनी जल्दी अमलीजामा पहनाती है।