किशनगंज स्वास्थ्य सेवा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सदर अस्पताल में खुला 10 बेड का आधुनिक आईसीयू; विधायक मो. कमरुल होदा और डीएम नवीन कुमार ने किया संयुक्त उद्घाटन
किशनगंज: बिहार के सीमांचल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किशनगंज जिले से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बेहद सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटना में घायलों की जान बचाने के लिए लंबे समय से महसूस की जा रही एक बड़ी आवश्यकता अब पूरी हो गई है। किशनगंज सदर अस्पताल परिसर में गंभीर मरीजों के त्वरित और उच्चस्तरीय उपचार के लिए 10 बेड वाला एक अत्याधुनिक इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। इस आधुनिक आईसीयू यूनिट का भव्य उद्घाटन स्थानीय विधायक मो. कमरुल होदा एवं जिले के जिलाधिकारी (DM) नवीन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के शुरू होने से अब किशनगंज और आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर स्थिति में सिलीगुड़ी या पूर्णिया के निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक राहत मिलेगी।
उद्घाटन समारोह और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस बहुप्रतीक्षित 10 बेड के आधुनिक आईसीयू के उद्घाटन समारोह के अवसर पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कई तमाम बड़े अधिकारी, चिकित्सक एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संयुक्त उद्घाटन: विधायक मो. कमरुल होदा और जिलाधिकारी नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से आईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई गई आधुनिक चिकित्सा मशीनों, वेंटिलेटर सपोर्ट और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों का जायजा लिया।
अधिकारियों के विचार: उद्घाटन के दौरान डीएम नवीन कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के हर तबके के लोगों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है। वहीं विधायक मो. कमरुल होदा ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह सौगात किशनगंज के लिए मील का पत्थर साबित होगी और अब आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।
'गोल्डन ऑवर' का महत्व: अब बचेगी अनगिनत जिंदगियां
चिकित्सा विज्ञान में 'गोल्डन ऑवर' (Golden Hour - दुर्घटना या गंभीर बीमारी के बाद का पहला एक घंटा) का विशेष महत्व होता है। किसी भी गंभीर मरीज या सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती 60 मिनट सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।
समय पर इलाज मिलने की गारंटी: यदि इस एक घंटे के भीतर मरीज को आईसीयू और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल जाएं, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पहले किशनगंज में आईसीयू की सुविधा न होने के कारण गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता था, जिसमें गोल्डन ऑवर का कीमती वक्त सफर में ही बर्बाद हो जाता था।
अत्याधुनिक उपकरणों से लैस यूनिट: इस नए 10 बेड के आईसीयू में मल्टी-पारा मॉनिटर, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम और अन्य क्रिटिकल केयर उपकरण लगाए गए हैं, जो गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों की जान बचाने में सीधे तौर पर मददगार साबित होंगे।
आम जनता और गरीबों को मिलेगी बड़ी राहत
किशनगंज एक ऐसा जिला है जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग निवास करते हैं।
निजी अस्पतालों के महंगे खर्च से मुक्ति: गंभीर बीमारियों या दुर्घटना के बाद प्राइवेट अस्पतालों के आईसीयू का भारी-भरकम खर्च उठाना गरीब परिवारों के बस से बाहर होता था। सरकारी सदर अस्पताल में यह आधुनिक सुविधा पूरी तरह से उपलब्ध होने से अब मरीजों को मुफ्त या बेहद न्यूनतम शुल्क पर उच्चस्तरीय चिकित्सीय लाभ मिल सकेगा।
चिकित्सकीय दल की तैनाती: इस यूनिट के सुचारू संचालन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित चिकित्सकों, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और पारा-मेडिकल स्टाफ (नर्सिंग स्टाफ) की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे सातों दिन (24x7) मुस्तैद रहकर मरीजों की देखभाल करेंगे।
किशनगंज सदर अस्पताल में 10 बेड वाले आधुनिक आईसीयू का खुलना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। विधायक मो. कमरुल होदा और डीएम नवीन कुमार के संयुक्त प्रयासों से धरातल पर उतरी यह योजना निस्संदेह क्षेत्र की जनता के लिए एक वरदान साबित होगी। 'गोल्डन ऑवर' के महत्व को समझते हुए उठाया गया यह कदम आने वाले समय में न जाने कितने मरीजों की अमूल्य जिंदगियां बचाने का काम करेगा। इससे स्वास्थ्य विभाग के प्रति आम जनता का विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।