खेत में पटवन के दौरान करंट लगने से 30 वर्षीय युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम

सुपौल। जिले के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत सुखासन पंचायत के वार्ड संख्या-पांच में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय युवक सुशील कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वह अपने खेत में पटवन (सिंचाई) का कार्य कर रहा था। अचानक वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुशील कुमार रोज की तरह सुबह अपने खेत में फसल की सिंचाई करने गया था। खेत में लगे बिजली चालित मोटर पंप से पटवन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान किसी कारणवश वह बिजली के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही वह खेत में गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

ग्रामीणों ने तत्काल पहुंचाई मदद

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बिजली आपूर्ति बंद कर युवक को करंट की चपेट से बाहर निकाला गया। इसके बाद परिजनों की मदद से उसे आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे बड़े अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।

परिजन उसे दूसरे अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुशील कुमार की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने परिवार के कमाऊ सदस्यों में से एक था और खेती-किसानी के जरिए परिवार का भरण-पोषण करता था।

ग्रामीणों ने बताया कि सुशील मेहनती और मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने लगे।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की विस्तृत पुष्टि होगी।

पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ। प्रारंभिक जांच में मामला बिजली का करंट लगने से हुई दुर्घटनावश मौत का प्रतीत हो रहा है।

बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों ने खेतों में बिजली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले बिजली कनेक्शन और तार खुले रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से खेतों में सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर तारों और उपकरणों की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

बिजली विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में मोटर पंप चलाने से पहले बिजली के तार, स्विच, प्लग और मोटर की स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। गीले हाथों से बिजली के उपकरणों को नहीं छूना चाहिए और किसी भी तरह की खराबी दिखाई देने पर तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर तकनीकी कर्मियों से संपर्क करना चाहिए।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अर्थिंग की उचित व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता वाले विद्युत उपकरणों का उपयोग और सुरक्षा मानकों का पालन इस तरह की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोक सकता है।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है और मृतक ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। ऐसे में प्रशासन को तत्काल राहत राशि उपलब्ध करानी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और किसानों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।

गांव में पसरा मातम

सुशील कुमार की मौत की खबर फैलते ही पूरे सुखासन पंचायत में शोक का माहौल बन गया। गांव के लोगों ने इसे बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति बताया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

ग्रामीणों ने बताया कि सुशील सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से गांव ने एक मेहनती और जिम्मेदार युवा को खो दिया है।

खेतों में काम के दौरान सतर्कता जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और सिंचाई के मौसम में खेतों में बिजली का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। गीली मिट्टी और पानी के कारण करंट फैलने का खतरा अधिक रहता है। किसानों को मोटर चालू या बंद करते समय रबर के जूते और इंसुलेटेड उपकरणों का उपयोग करना चाहिए तथा किसी भी खराब विद्युत लाइन की सूचना तुरंत बिजली विभाग को देनी चाहिए।

यह दुखद हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि खेती के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन, बिजली विभाग और किसानों के संयुक्त प्रयास से ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। वहीं, पूरे क्षेत्र में दिवंगत सुशील कुमार को श्रद्धांजलि दी जा रही है और लोग उनके परिवार को इस कठिन समय में हरसंभव सहायता देने की बात कह रहे हैं।