पश्चिमी गुंडी पंचायत में ग्राम रक्षा दल का 30 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, ग्रामीण सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

दलपति एवं ग्राम रक्षा दल महासंघ के तत्वावधान में कार्यक्रम का शुभारंभ, प्रतिभागियों में उत्साह

पटना/पश्चिमी गुंडी। बिहार राज्य दलपति एवं ग्राम रक्षा दल महासंघ की ओर से पश्चिमी गुंडी पंचायत में 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सामाजिक जिम्मेदारियों और ग्रामीण स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम रक्षा दल के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश महामंत्री कमलेश कुमार राय ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य सरकार के निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत चल रहा कार्यक्रम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमलेश कुमार राय ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा समय-समय पर ग्राम रक्षा दल की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते रहे हैं। इसी कड़ी में पश्चिमी गुंडी पंचायत में यह 30 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य, सामाजिक जागरूकता अभियान, यातायात नियंत्रण, सामुदायिक सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

राय ने कहा कि ग्राम रक्षा दल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। ऐसे में सदस्यों का प्रशिक्षित और जागरूक होना आवश्यक है।

प्रतिभागियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण शिविर में शामिल प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, भीड़ प्रबंधन, आपदा के समय राहत कार्यों के संचालन और प्राथमिक उपचार की जानकारी प्रदान की जाएगी।

विशेषज्ञ प्रशिक्षक प्रतिभागियों को यह भी बताएंगे कि किसी दुर्घटना, बाढ़, आगजनी या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में किस प्रकार प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सकता है। प्रशिक्षण में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

ग्रामीण सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है ग्राम रक्षा दल

ग्राम रक्षा दल लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और सामाजिक समन्वय की भूमिका निभाता रहा है। गांवों में छोटी-बड़ी घटनाओं की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने, सामुदायिक विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और विभिन्न सरकारी अभियानों में सहयोग देने का कार्य ग्राम रक्षा दल के सदस्य करते हैं।

विशेषकर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ग्राम रक्षा दल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। बाढ़, आग, सड़क दुर्घटना या अन्य संकट की स्थिति में स्थानीय स्तर पर सबसे पहले यही दल सक्रिय होकर लोगों की सहायता करता है।

युवाओं में दिखा उत्साह

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखा गया। कई युवाओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें समाज सेवा और जनहित के कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान देने का अवसर मिलेगा।

प्रतिभागियों का मानना है कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का उपयोग वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की सहायता करने के लिए कर सकेंगे। कई युवाओं ने इसे अपने व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

विशेषज्ञ देंगे विभिन्न विषयों पर जानकारी

30 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और सामाजिक संगठनों से जुड़े विशेषज्ञ अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण देंगे।

इन विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को कानूनी जानकारी, प्राथमिक चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, सामाजिक समरसता, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और नागरिक अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे प्रतिभागियों का ज्ञान और कौशल दोनों विकसित होंगे।

सरकार और समाज के बीच मजबूत होगा समन्वय

प्रदेश महामंत्री कमलेश कुमार राय ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का एक प्रमुख उद्देश्य सरकार और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है। प्रशिक्षित ग्राम रक्षा दल सदस्य सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम रक्षा दल की भूमिका भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है। इसलिए सदस्यों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाना जरूरी है।

प्रतिभागियों को मिलेंगी आवश्यक सुविधाएं

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को आवश्यक अध्ययन सामग्री, प्रशिक्षण संसाधन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आयोजकों ने बताया कि प्रशिक्षण को प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों की नियमित उपस्थिति और प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया जाएगा। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाने की भी संभावना है।

ग्रामीण विकास में योगदान की उम्मीद

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उनका मानना है कि प्रशिक्षित ग्राम रक्षा दल सदस्य गांवों में सामाजिक सद्भाव, अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

उन्होंने कहा कि आज के समय में गांवों को भी प्रशिक्षित और जिम्मेदार स्वयंसेवकों की आवश्यकता है, जो संकट की घड़ी में प्रशासन का सहयोग कर सकें और लोगों की मदद के लिए आगे आएं।

सफल प्रशिक्षण से बढ़ेगा आत्मविश्वास

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक बनाते हैं। प्रशिक्षण के बाद ग्राम रक्षा दल के सदस्य अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।

पश्चिमी गुंडी पंचायत में शुरू हुआ यह 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल ग्राम रक्षा दल के सदस्यों के कौशल विकास में मदद करेगा, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता और आपदा प्रबंधन की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाला साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को अनेक महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।