पूर्णिया विश्वविद्यालय में 24वीं सिंडिकेट बैठक सम्पन्न, संबद्ध कॉलेजों के विकास और शैक्षणिक सुधारों पर कई अहम फैसले

पूर्णिया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की 24वीं सिंडिकेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के विकास, संबद्ध महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय मामलों, परीक्षा प्रणाली, आधारभूत संरचना के विकास तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित करनी होगी।

संबद्ध कॉलेजों के विकास पर विशेष चर्चा

बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। सदस्यों ने कॉलेजों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, शिक्षण कार्य को नियमित रखने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

सिंडिकेट सदस्यों ने कहा कि संबद्ध कॉलेजों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण, पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण तथा डिजिटल शिक्षण सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है।

शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर

बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। कुलपति ने सभी विभागों और कॉलेजों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित कक्षाओं और समयबद्ध शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, अनुसंधान और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा

सिंडिकेट बैठक में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सदस्यों ने परीक्षा आयोजन, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणामों के समय पर प्रकाशन की समीक्षा की।

बैठक में सुझाव दिया गया कि परीक्षा कैलेंडर का सख्ती से पालन किया जाए ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा

विश्वविद्यालय के डिजिटल पोर्टल, ऑनलाइन नामांकन, परीक्षा फॉर्म, शुल्क भुगतान और परिणाम प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विचार किया गया।

सदस्यों ने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीकी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए आईटी प्रणाली को आधुनिक बनाया जाए तथा तकनीकी सहायता व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

वित्तीय एवं प्रशासनिक मामलों पर विचार

बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। विकास कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।

सिंडिकेट सदस्यों ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के लिए शोधार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने शिक्षकों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं में भागीदारी बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को नवाचार और शोध के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

आधारभूत संरचना के विकास पर जोर

विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों में भवन, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सुविधाओं और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को लेकर भी कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

सदस्यों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है।

नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के विभिन्न प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कुलपति ने कहा कि बहुविषयक शिक्षा, कौशल आधारित पाठ्यक्रम, डिजिटल शिक्षा और शोध संस्कृति को बढ़ावा देकर विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता

सिंडिकेट बैठक में छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को समय पर अंकपत्र, डिग्री, प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

सदस्यों ने कहा कि विश्वविद्यालय की सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को छात्र हितों को ध्यान में रखकर अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

कुलपति ने दिए आवश्यक निर्देश

बैठक के अंत में कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों और संबंधित विभागों को लिए गए निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और शैक्षणिक गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने का आह्वान किया।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

24वीं सिंडिकेट बैठक में लिए गए निर्णयों को पूर्णिया विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में लिए गए प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि संबद्ध कॉलेजों के विकास, डिजिटल व्यवस्था के विस्तार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और अनुसंधान को बढ़ावा देने जैसे कदम आने वाले समय में पूर्णिया विश्वविद्यालय को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 24वीं सिंडिकेट बैठक में लिए गए निर्णय उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं।