श्रावणी मेला में खुलेंगे 13 अस्थायी और एक स्थायी स्वास्थ्य शिविर, लाइफ सेविंग दवाओं व मेडिकल टीम के साथ 24 घंटे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा

भागलपुर | संवाददाता

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए इस वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ बनाने की योजना तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 13 अस्थायी स्वास्थ्य शिविर और एक स्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जाएंगे। इन शिविरों में आवश्यक लाइफ सेविंग दवाएं, प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी तथा एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।

प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं। ऐसे में गर्मी, उमस, लंबी पैदल यात्रा और अत्यधिक भीड़ के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

13 अस्थायी और एक स्थायी स्वास्थ्य शिविर

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेला क्षेत्र और प्रमुख कांवरिया मार्गों पर रणनीतिक स्थानों पर 13 अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा एक स्थायी स्वास्थ्य केंद्र पूरे मेला अवधि के दौरान लगातार संचालित रहेगा।

इन शिविरों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना और गंभीर मरीजों को समय रहते बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना होगा। सभी शिविरों को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और दवाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

उपलब्ध रहेंगी लाइफ सेविंग दवाएं

प्रत्येक स्वास्थ्य शिविर में जीवन रक्षक (लाइफ सेविंग) दवाओं का पर्याप्त भंडार रखा जाएगा। इसके साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार किट, आपातकालीन इंजेक्शन, ग्लूकोज, दर्द निवारक दवाएं तथा अन्य आवश्यक औषधियां उपलब्ध रहेंगी।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार शुरू किया जा सके, इसके लिए सभी शिविरों को पहले से तैयार रखा जाएगा।

चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती

स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक शिविर में अनुभवी चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की योजना बनाई है। सभी कर्मी शिफ्ट के आधार पर चौबीसों घंटे अपनी सेवाएं देंगे।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि गंभीर मामलों का समय पर उपचार किया जा सके।

एंबुलेंस सेवा रहेगी 24 घंटे

मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी। आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी।

एम्बुलेंस में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे, जिससे रास्ते में भी मरीज का उपचार जारी रखा जा सके।

हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन पर विशेष नजर

श्रावणी मेला वर्षा ऋतु में आयोजित होता है, लेकिन उमस और लंबी पैदल यात्रा के कारण कई श्रद्धालु डिहाइड्रेशन, थकान, बुखार और हीट एक्सॉशन जैसी समस्याओं से प्रभावित हो सकते हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, पीने का स्वच्छ पानी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

संक्रामक रोगों की भी होगी निगरानी

मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए संक्रामक रोगों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल जांच की जाएगी।

सफाई, स्वच्छ पेयजल और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

नियंत्रण कक्ष से होगी निगरानी

स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यहां से सभी स्वास्थ्य शिविरों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे।

सभी चिकित्सा इकाइयों को आपस में बेहतर संचार व्यवस्था से जोड़ा जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय हो सके।

श्रद्धालुओं के लिए जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक भी करेगा। माइक, पोस्टर और सूचना केंद्रों के माध्यम से लोगों को पर्याप्त पानी पीने, संतुलित भोजन करने और अत्यधिक थकान से बचने की सलाह दी जाएगी।

चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान चक्कर, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ या अन्य स्वास्थ्य समस्या महसूस हो तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य शिविर से संपर्क करें।

प्रशासन ने दिए आवश्यक निर्देश

जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सभी तैयारियां समय से पूरी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक शिविर में पर्याप्त दवाएं, चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की कमी न रहे।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष 13 अस्थायी और एक स्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। लाइफ सेविंग दवाओं, प्रशिक्षित डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और 24 घंटे उपलब्ध एंबुलेंस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को समय पर और प्रभावी उपचार मिल सके, जिससे श्रावणी मेला सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो।