गोपालगंज में असामयिक काल का ग्रास बना युवक: मोटर का तार जोड़ते समय करंट लगने से 18 वर्षीय अंशु की मौत
गोपालगंज (विजयीपुर)। जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भरपुरवा गांव में शुक्रवार को एक अत्यंत हृदयविदारक घटना घटी, जिसमें बिजली की चपेट में आने से 18 वर्षीय एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान अंशु सिंह के रूप में की गई है। इस घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक होनहार युवक के असमय निधन से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
क्या है पूरा मामला?
घटना शुक्रवार दोपहर की है। मिली जानकारी के अनुसार, अंशु सिंह अपने घर पर ही मोटर चलाने के लिए बिजली का तार जोड़ रहा था। इसी दौरान वह अचानक विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गया। तार में करंट दौड़ रहा था, जिससे अंशु को जोरदार झटका लगा और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। जब परिजनों ने उसे इस हालत में देखा, तो आनन-फानन में उसे गंभीर अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद चिकित्सकों ने अंशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत उपचार देना शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे 'मृत' घोषित कर दिया। अस्पताल में अंशु के शव को देखते ही उसके माता-पिता और अन्य परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। युवक के इस तरह अचानक चले जाने से पूरे अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
घर में पसरा मातम
अंशु सिंह अपने माता-पिता की उम्मीदों का चिराग था। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों का कहना है कि अंशु बहुत ही मिलनसार और मेहनती लड़का था। अभी तो उसके जीवन की शुरुआत हुई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। घर के आंगन में खुशी के माहौल के बीच अचानक छाई इस मातम की छाया ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
बिजली विभाग की लापरवाही या असावधानी?
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू स्तर पर विद्युत उपकरणों के साथ की जाने वाली असावधानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ग्रामीणों का एक वर्ग यह भी आरोप लगा रहा है कि गांव में बिजली के तारों की स्थिति काफी जर्जर है, जिससे अक्सर इस तरह के हादसे होने का डर बना रहता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली के साथ काम करते समय सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करना अक्सर जानलेवा साबित होता है।
पुलिस की भूमिका
घटना की सूचना मिलते ही विजयीपुर थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर यूडी (अस्वाभाविक मौत) का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, "यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।"
सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी
यह पहली ऐसी घटना नहीं है जब किसी ने बिजली के काम के दौरान अपनी जान गंवाई हो। ऐसी घटनाएं अक्सर घर के छोटे-मोटे बिजली के कार्यों को खुद ठीक करने के चक्कर में होती हैं।
सुरक्षा हेतु कुछ सुझाव:
विशेषज्ञ की मदद लें: बिजली का कोई भी बड़ा काम हो, तो हमेशा एक प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन को ही बुलाएं।
पावर कट सुनिश्चित करें: किसी भी बिजली के तार को छूने से पहले मेन स्विच को जरूर बंद कर दें।
सुरक्षा उपकरण: काम करते समय रबर के दस्ताने और उचित उपकरणों का उपयोग करें।
नंगे पैर न रहें: बिजली के किसी भी उपकरण को छूते समय नंगे पैर रहने से बचें।
प्रशासनिक मुआवजे की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के तहत उचित मुआवजा दिया जाए। परिवार बेहद गरीब है और अंशु ही भविष्य में घर का सहारा बनने वाला था। स्थानीय मुखिया ने भी शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि दुखी परिवार की हर संभव मदद की जाए।
अंशु सिंह का निधन केवल उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 18 वर्ष की आयु में जीवन का अंत होना किसी भी समाज के लिए दर्दनाक होता है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि बिजली के उपकरणों के साथ सावधानी बरतनी कितनी जरूरी है। एक छोटी सी चूक ने एक हंसते-खेलते घर की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।