प्रेम प्रसंग में युवक आयुष का अपहरण कर मो. रहमान ने की बेरहमी से पिटाई, थार गाड़ी जब्त और मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बार फिर से कानून व्यवस्था और दबंगई का एक दहला देने वाला मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग के एक मामले ने उस वक्त हिंसक और खौफनाक रूप ले लिया, जब एक रसूखदार और दबंग प्रवृत्ति के शख्स ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए सरेआम एक युवक का अपहरण कर लिया। मुजफ्फरपुर में प्रेम प्रसंग के चलते आयुष कुमार नामक युवक को जबरन अगवा किया गया और इसके बाद मो. रहमान नामक आरोपी द्वारा उसे एक गुप्त स्थान पर ले जाकर बेहद बेरहमी से पीटा गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। हालांकि, मुजफ्फरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मो. रहमान को दबोच लिया है और इस कांड में इस्तेमाल की गई उसकी चमचमाती थार (Thar) गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
घटना की पृष्ठभूमि: प्रेम प्रसंग और रंजिश की आग
प्राप्त शुरुआती जानकारियों के अनुसार, यह पूरा विवाद प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। पीड़ित युवक आयुष कुमार का किसी युवती के साथ प्रेम संबंध था, जो आरोपी पक्ष को नागवार गुजर रहा था। मो. रहमान और उसके साथियों को यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था और वे लगातार आयुष को धमका रहे थे।
कहा जा रहा है कि इसी रंजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई। आरोपी मो. रहमान और उसके गुर्गों ने आयुष की गतिविधियों पर नजर रखी और सही मौका देखकर उसे रास्ते में ही घेर लिया। बिना किसी डर या कानून की परवाह किए बिना, आरोपियों ने दिनदहाड़े या सुनसान रास्ते से आयुष को जबरन अपनी गाड़ी में खींच लिया और उसका अपहरण कर लिया।
अपहरण के बाद क्रूरता की हदें पार: बेरहमी से पिटाई
अपहरण के बाद आयुष कुमार को एक ऐसे स्थान पर ले जाया गया जहां कोई उसे बचाने वाला नहीं था। वहां मो. रहमान और उसके सहयोगियों ने मिलकर आयुष पर कहर बरपाया। उसे बेरहमी से पीटा गया, डंडों और लात-घूंसों से उसकी पिटाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आरोपियों का मकसद सिर्फ डराना नहीं बल्कि आयुष को शारीरिक रूप से इस कदर तोड़ देना था कि वह दोबारा उस रिश्ते या उनके सामने सिर उठाने की हिम्मत न कर सके। पिटाई के दौरान आयुष लगातार रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। जब वह अधमरा सा हो गया और आरोपियों को लगा कि अब वह बच नहीं पाएगा या मामला ज्यादा गंभीर हो जाएगा, तो उन्होंने उसे छोड़ दिया।
अस्पताल में आयुष का दर्दनाक बयान और इलाज
घटना के बाद किसी तरह गंभीर हालत में आयुष कुमार को उसके परिजनों या स्थानीय लोगों की मदद से मुजफ्फरपुर के एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे आयुष ने डॉक्टरों की देखरेख में अपना इलाज शुरू करवाया।
अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए आयुष ने मीडिया और पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई। उसके शरीर पर पड़े पिटाई के नीले और गहरे निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उसके साथ कितनी हैवानियत की गई थी। आयुष के बयानों ने साफ कर दिया कि किस तरह दबंगई के बल पर एक इंसान की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया। अस्पताल में उसकी गंभीर हालत को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और वे आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे थे।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार और थार जब्त
जैसे ही इस अपहरण और मारपीट की सूचना मुजफ्फरपुर पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंची, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने की पुलिस और विशेष टीमों ने तुरंत एक्शन लिया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर दबिश बढ़ाई और मुख्य आरोपी मो. रहमान को धर दबोचा। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों के नाम भी सामने आ सकें।
थार (Thar) गाड़ी जब्त: अपहरण की इस वारदात में इस्तेमाल की गई मो. रहमान की एसयूवी 'थार' गाड़ी को पुलिस ने ट्रेस कर लिया और उसे जब्त कर थाने ले आई। इस गाड़ी का इस्तेमाल आयुष को अगवा करने या घटनास्थल पर लाने-ले जाने में किया गया था।
मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई: पीड़ित पक्ष के लिखित आवेदन और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रासंगिक गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो।
इलाके में चर्चा और पुलिस की मुस्तैदी
इस घटना ने एक बार फिर मुजफ्फरपुर में अपराधियों और दबंगों के बढ़ते दुस्साहस को उजागर किया है, जो मामूली रंजिश या प्रेम प्रसंग में कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं हिचकिचाते। हालांकि, पुलिस द्वारा मो. रहमान की गिरफ्तारी और उसकी थार गाड़ी की जब्ती ने आम जनता के बीच यह संदेश जरूर दिया है कि पुलिस प्रशासन कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अपराध में मो. रहमान के साथ और कितने लोग शामिल थे, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।