पूर्णिया के प्रख्यात व्यवसायी, समाजसेवी एवं जिला साइकिल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सिंह की कार्यशैली: जनसेवा, व्यवसाय और खेल के प्रति समर्पण का एक प्रेरणादायक सफर
पूर्णिया: किसी भी शहर की पहचान वहां की ऊंची इमारतों या चौड़ी सड़कों से नहीं, बल्कि वहां बसने वाले उन असाधारण व्यक्तित्वों से होती है जो अपने पसीने, सेवाभाव और दूरदर्शिता से समाज को एक नई दिशा देते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने व्यावसायिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच से समय निकालकर समाज के अंतिम व्यक्ति की सहायता करने और युवाओं को खेल के मैदान से जोड़ने का बीड़ा उठाता है, तो वह केवल एक इंसान नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संस्था बन जाता है। बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र का प्रमुख और तेजी से विकसित होता हुआ शहर पूर्णिया ऐसे ही कर्मठ और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों की भूमि रहा है। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने वाले शहर के एक अत्यंत प्रतिष्ठित, लोकप्रिय व्यवसायी, मुखर समाजसेवी और पूर्णिया जिला साइकिल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सिंह का जीवन हर उस व्यक्ति के लिए एक खुली किताब की तरह है जो समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखता है।
नवीन सिंह का नाम पूर्णिया के व्यापारिक गलियारों से लेकर सामाजिक सरोकारों और खेल के मैदानों तक बेहद आदर के साथ लिया जाता है। उनकी कार्यशैली इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि इरादे नेक हों और सेवा का संकल्प पक्का हो, तो व्यक्ति अपने व्यवसाय के साथ-साथ समाज और खेल जगत में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
व्यावसायिक दक्षता और ईमानदारी की मिसाल
नवीन सिंह ने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत एक साधारण सोच और असाधारण मेहनत के साथ की थी। पूर्णिया जैसे उभरते हुए व्यापारिक केंद्र में अपने पाjam जमाना और अपनी एक साख बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी अटूट व्यावसायिक नैतिकता (Business Ethics), पारदर्शिता और ग्राहकों के प्रति वफादारी के बल पर एक मुकाम हासिल किया।
विश्वास का दूसरा नाम: उनके व्यवसाय से जुड़े लोग इस बात के गवाह हैं कि उन्होंने कभी भी अल्पकालिक मुनाफे के लिए अपने उसनों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनके व्यापारिक प्रतिष्ठान ने न केवल पूर्णिया के स्थानीय बाजार को गति दी, बल्कि कई युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी मुहैया कराए।
व्यापार और मानवीय संवेदना का संतुलन: एक सफल व्यवसायी होने के बावजूद नवीन सिंह ने कभी अपने भीतर के इंसान को मरने नहीं दिया। उनके यहां आने वाला हर छोटा-बड़ा ग्राहक यह महसूस करता था कि वहां केवल सामानों का लेन-देन नहीं होता, बल्कि एक पारिवारिक और आत्मीय संबंध स्थापित होता है।
समाजसेवी के रूप में अमिट छाप
व्यवसाय के बाद नवीन सिंह के व्यक्तित्व का दूसरा और सबसे प्रभावी पहलू उनका समाजसेवा के प्रति समर्पण है। कोरोना महामारी के दौर से लेकर सामान्य दिनों तक, पूर्णिया में जब भी किसी जरूरतमंद को मदद की दरकार पड़ी, नवीन सिंह और उनकी टीम हमेशा सबसे आगे खड़ी नजर आई।
"समाज ने हमें जो मान-सम्मान और पहचान दी है, उसका कर्ज हम पर है। असली सफलता वह नहीं जो बैंक बैलेंस में मापी जाए, बल्कि असली सफलता वह है जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आए।" — नवीन सिंह, समाजसेवी एवं अध्यक्ष
शिक्षा और स्वास्थ्य में सहायता: गरीबों की बेटियों की शादियों में आर्थिक सहयोग करना, जरूरतमंद मेधावी छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए चुपचाप फीस भर देना, और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर काटना—उनके सेवा कार्यों के ऐसे अनगिनत किस्से हैं जिनका वे कभी ढिंढोरा नहीं पीटते।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्य: पूर्णिया और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में जब भी बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, नवीन सिंह राहत सामग्री लेकर सीधे गांवों के भीतर पहुंच जाते हैं। उनकी यह सादगी और जमीनी जुड़ाव उन्हें आम जनता का चहेता बनाता है।
पूर्णिया जिला साइकिल एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में खेल को नई दिशा
नवीन सिंह ने पूर्णिया जिला साइकिल एसोसिएशन के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद शहर और जिले में साइकिलिंग जैसे स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण-अनुकूल खेल को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज के डिजिटल युग में जब युवा मोबाइल और वीडियो गेम्स की चारदीवारी में सिमटते जा रहे हैं, उन्हें मैदान पर लाना एक बड़ी चुनौती थी।
युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरणा: उन्होंने जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को साइकिलिंग से जोड़ने के लिए विशेष रैलियों, मैराथन और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया। उनका मानना है कि साइकिल चलाने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी प्रफुल्लित रहता है।
प्रतिभाओं को मंच देना: पूर्णिया के ग्रामीण और शहरी इलाकों से छिपी हुई साइकिलिंग प्रतिभाओं को ढूंढकर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने के लिए उन्होंने हरसंभव संसाधन जुटाए। एसोसिएशन के माध्यम से उन्होंने खिलाड़ियों को आधुनिक साइकिलें, सुरक्षा उपकरण और उचित प्रशिक्षण दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य संदेश: उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाली साइकिल रैलियां केवल खेल प्रतियोगिता नहीं होतीं, बल्कि वे शहर को 'प्रदूषण-मुक्त पूर्णिया' और 'स्वस्थ पूर्णिया' का संदेश भी देती हैं।
युवाओं और समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत
नवीन सिंह की सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी, हर वक्त मिलने वाली मुस्कान और लोगों की समस्याएं सुनने का धैर्य है। वे किसी पद के भूखे नहीं हैं, बल्कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलती है, वे उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाते हैं।
सकारात्मक सोच का प्रसार: युवा पीढ़ी उन्हें अपना आदर्श मानती है। वे युवाओं से अक्सर यह संवाद करते हैं कि असफलता से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, निरंतर प्रयास और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
सामाजिक समरसता के प्रतीक: पूर्णिया की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को बनाए रखने में नवीन सिंह की भूमिका हमेशा एक प्रबुद्ध और मध्यस्थ की रही है, जो विवादों को सुलझाने और लोगों को जोड़ने में विश्वास रखते हैं।
पूर्णिया के प्रख्यात व्यवसायी, समाजसेवी और जिला साइकिल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सिंह का जीवन यह साबित करता है कि एक व्यक्ति अपनी इच्छाशक्ति और समर्पण से समाज की तस्वीर बदल सकता है। उनका व्यावसायिक कौशल, उनका निसंकोच सेवाभाव और खेल के प्रति उनका जुनून—तीनों मिलकर एक ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं जो पूर्णिया की शान है। नवीन सिंह जैसे लोग ही समाज की असली रीढ़ होते हैं, जिनके होने से व्यवस्था में उम्मीद और मानवता में विश्वास जिंदा रहता है। पूर्णिया की धरा पर उनके द्वारा किए जा रहे ये कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।