अंबेडकर चौक का वाटर कूलर खराब, लाखों की आरओ मशीन बेकार; राहगीरों और स्थानीय लोगों को पेयजल की परेशानी

बिहारशरीफ। शहर के प्रमुख अंबेडकर चौक पर राहगीरों और स्थानीय लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से लगाया गया वाटर कूलर और आरओ रेफ्रिजरेटर इन दिनों खुद अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। मशीन खराब होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए इस पेयजल संयंत्र के बंद रहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अंबेडकर चौक शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। आसपास दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण भी इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे स्थान पर सार्वजनिक पेयजल की व्यवस्था लोगों के लिए काफी उपयोगी हो सकती है। लेकिन वाटर कूलर के खराब रहने के कारण योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधा के लिए खर्च की गई राशि का सही उपयोग तभी माना जाएगा जब मशीन नियमित रूप से चालू रहे और लोगों को इसका लाभ मिले। मशीन के रखरखाव और संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

लाखों रुपये खर्च के बाद भी सुविधा बंद

अंबेडकर चौक पर आरओ रेफ्रिजरेटर और वाटर कूलर लगाने का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना था। सार्वजनिक स्थान पर ऐसी सुविधा विशेष रूप से गर्मी के मौसम में काफी महत्वपूर्ण होती है।

लेकिन मशीन के खराब हो जाने के बाद लोगों को यहां पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करके लगाई गई मशीन यदि लंबे समय तक बंद रहती है तो इसका सीधा नुकसान आम जनता को होता है।

लोगों का सवाल है कि जब सार्वजनिक सुविधा स्थापित करने में बड़ी राशि खर्च की गई है तो उसकी नियमित देखरेख और समय पर मरम्मत की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।

राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी

अंबेडकर चौक पर रोजाना बड़ी संख्या में राहगीर पहुंचते हैं। गर्मी के दिनों में लोगों को सफर के दौरान सबसे अधिक जरूरत पीने के पानी की होती है।

वाटर कूलर चालू रहने पर राहगीरों को मुफ्त या सुलभ पेयजल मिल सकता था। लेकिन मशीन खराब होने के कारण लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।

दूर से आने वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह परेशानी और अधिक बढ़ जाती है। कई बार लोग सार्वजनिक स्थान पर पानी की तलाश करते हैं, लेकिन सुविधा बंद होने के कारण उन्हें आसपास की दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता है।

दुकानदारों पर मशीन के संचालन की जिम्मेदारी का सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मशीन की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी दुकानदारों पर होने की बात कही जाती है। यदि वास्तव में मशीन की देखरेख दुकानदारों के जिम्मे है तो इसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठता है।

सार्वजनिक मशीन का संचालन नियमित रूप से होना जरूरी है। इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था को स्पष्ट रूप से तय किया जाना चाहिए। यदि मशीन खराब होती है तो उसकी शिकायत दर्ज कराने और मरम्मत कराने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मशीन लगाना पर्याप्त नहीं है। उसका रखरखाव, बिजली-पानी की व्यवस्था, सफाई और समय-समय पर तकनीकी जांच भी जरूरी है।

गर्मी में बढ़ जाती है पेयजल की जरूरत

गर्मी के मौसम में सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर की उपयोगिता कई गुना बढ़ जाती है। तापमान बढ़ने के साथ शरीर में पानी की जरूरत भी बढ़ती है।

लंबी दूरी तय करने वाले राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों, दुकानदारों और अन्य लोगों को बार-बार पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में सार्वजनिक पेयजल केंद्र बंद रहने से परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है।

यदि शहर के प्रमुख चौक पर स्थापित मशीन ही काम नहीं कर रही है तो लोगों को यह सवाल उठाना स्वाभाविक है कि अन्य सार्वजनिक पेयजल सुविधाओं की स्थिति क्या है।

मशीन की नियमित सर्विसिंग जरूरी

आरओ आधारित वाटर कूलर और रेफ्रिजरेटर में नियमित तकनीकी रखरखाव की जरूरत होती है। फिल्टर की सफाई और समय-समय पर बदलाव, मोटर की जांच, बिजली कनेक्शन और कूलिंग सिस्टम की सर्विसिंग जरूरी होती है।

यदि मशीन की नियमित सर्विसिंग नहीं की जाए तो कुछ समय बाद पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है या मशीन पूरी तरह बंद हो सकती है।

इसलिए विशेषज्ञ स्तर पर मशीन की समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को इस व्यवस्था के लिए नियमित निगरानी प्रणाली बनानी चाहिए।

पानी की गुणवत्ता पर भी ध्यान जरूरी

सार्वजनिक आरओ मशीन का उद्देश्य केवल ठंडा पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना भी है।

मशीन के फिल्टर और आरओ सिस्टम की नियमित जांच नहीं होने पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए मशीन को ठीक कराने के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए।

लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि सार्वजनिक वाटर कूलर से मिलने वाला पानी पीने योग्य और सुरक्षित है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

वाटर कूलर बंद रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधा को लंबे समय तक खराब हालत में छोड़ना उचित नहीं है।

स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि मशीन को जल्द से जल्द ठीक कराया जाना चाहिए ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यदि मशीन के संचालन की जिम्मेदारी किसी स्थानीय संस्था या दुकानदारों को दी गई है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी नियमित समीक्षा करनी चाहिए।

रखरखाव की जिम्मेदारी तय हो

सार्वजनिक सुविधाओं के सफल संचालन के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। मशीन खराब होने की स्थिति में यह स्पष्ट होना चाहिए कि शिकायत किस अधिकारी या संस्था के पास की जाएगी और कितने समय में मरम्मत कराई जाएगी।

यदि जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होगी तो मशीन खराब होने के बाद उसकी मरम्मत में देरी हो सकती है। इससे सरकारी या सार्वजनिक धन से बनाई गई सुविधा लंबे समय तक अनुपयोगी पड़ी रह सकती है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि मशीन की देखरेख के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था का नाम और संपर्क नंबर सार्वजनिक किया जाए।

सार्वजनिक सुविधाओं की निगरानी पर सवाल

यह मामला केवल एक वाटर कूलर तक सीमित नहीं है। शहरों में अक्सर सार्वजनिक धन से विभिन्न सुविधाएं स्थापित की जाती हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में कुछ समय बाद वे खराब हो जाती हैं।

ऐसी स्थिति में योजना पर खर्च की गई राशि का पूरा लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाता। इसलिए किसी भी सार्वजनिक सुविधा की स्थापना के साथ उसके रखरखाव का बजट और जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

अंबेडकर चौक की आरओ मशीन की स्थिति भी इसी तरह की चिंता पैदा करती है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो मशीन और अधिक खराब हो सकती है और मरम्मत की लागत भी बढ़ सकती है।

राहगीरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत

जब तक वाटर कूलर की मरम्मत नहीं होती, तब तक संबंधित विभाग को अस्थायी पेयजल व्यवस्था करने पर विचार करना चाहिए।

अंबेडकर चौक जैसे व्यस्त स्थान पर पानी की टंकी, अस्थायी वाटर प्वाइंट या अन्य व्यवस्था के जरिए लोगों को राहत दी जा सकती है।

विशेष रूप से गर्मी के दिनों में सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराना नागरिक सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से वाटर कूलर की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।

लोग चाहते हैं कि मशीन को सिर्फ ठीक ही नहीं कराया जाए, बल्कि भविष्य में इसके नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी की जाए। इससे दोबारा मशीन लंबे समय तक खराब रहने की स्थिति नहीं बनेगी।

इसके अलावा मशीन की सफाई, फिल्टर बदलने और पानी की गुणवत्ता की जांच का रिकॉर्ड भी रखा जाना चाहिए।

लाखों के खर्च का मिले पूरा लाभ

सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च होने वाली राशि का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधा देना होता है। अंबेडकर चौक पर लगाए गए आरओ रेफ्रिजरेटर से भी यही उम्मीद थी कि राहगीरों और स्थानीय लोगों को आसानी से स्वच्छ और ठंडा पानी मिलेगा।

लेकिन मशीन खराब होने के कारण फिलहाल यह सुविधा लोगों के किसी काम नहीं आ रही है। इससे सार्वजनिक धन के उपयोग और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मशीन की समय पर मरम्मत कराई जाए और नियमित देखरेख हो तो यह सुविधा लंबे समय तक उपयोगी साबित हो सकती है।

बिहारशरीफ के अंबेडकर चौक पर खराब पड़ा वाटर कूलर और आरओ रेफ्रिजरेटर सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव की जरूरत को सामने लाता है। लाखों रुपये खर्च करके स्थापित की गई मशीन यदि लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रही है तो इसके उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

स्थानीय लोगों और राहगीरों की मांग है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द मशीन की जांच कराकर उसे चालू कराए। साथ ही इसकी नियमित सफाई, सर्विसिंग और पानी की गुणवत्ता की जांच की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

सार्वजनिक सुविधा तभी सार्थक मानी जाएगी जब उसका लाभ लगातार आम लोगों तक पहुंचे। अंबेडकर चौक की इस समस्या का जल्द समाधान होने से न केवल राहगीरों को राहत मिलेगी, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा।