प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य सड़क किया जाम, सड़क मरम्मत, कचरा उठाव और बिजली व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग

दरभंगा न्यूज।
दरभंगा जिले के नेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर गांव में रविवार को प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से परेशान लोगों ने मुख्य सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क की जर्जर स्थिति, नियमित कचरा उठाव नहीं होने, बिजली आपूर्ति में लगातार बाधा तथा अन्य नागरिक सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को लिखित एवं मौखिक रूप से समस्याओं की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि जब बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तब मजबूर होकर उन्हें सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

जर्जर सड़क से लोगों का चलना हुआ मुश्किल

ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो जाते हैं, जबकि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। जलभराव के कारण सड़क और नाले में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

कचरा उठाव नहीं होने से बढ़ रही गंदगी

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से कचरा उठाव नहीं किया जाता। कई स्थानों पर कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छता अभियान के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी सफाई व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

बिजली आपूर्ति से भी लोग परेशान

राघोपुर के लोगों ने बिजली व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि गांव में लगातार बिजली कटौती होती रहती है। कई बार घंटों तक बिजली नहीं रहती, जिससे घरेलू कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और छोटे व्यापारियों का काम प्रभावित होता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया जाता। खराब ट्रांसफार्मर, ढीले तार और लो-वोल्टेज जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।

महिलाओं और युवाओं ने भी लिया प्रदर्शन में हिस्सा

सड़क जाम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।

महिलाओं ने कहा कि खराब सड़क और गंदगी का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। नियमित सफाई नहीं होने से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है, जबकि बिजली की समस्या के कारण रात में काफी परेशानी होती है।

घंटों बाधित रहा यातायात

मुख्य सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और आवश्यक कार्य से निकलने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं था, लेकिन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।

सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

सड़क जाम की सूचना मिलते ही नेहरा थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और शांतिपूर्ण ढंग से जाम समाप्त करने की अपील की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सड़क मरम्मत, सफाई व्यवस्था और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन

अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात को सामान्य किया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समय के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपने गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान कराना है। वे चाहते हैं कि प्रशासन नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करे और विकास कार्यों को प्राथमिकता दे।

ग्रामीणों ने रखीं प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित कचरा उठाव की व्यवस्था, जलनिकासी प्रणाली में सुधार, निर्बाध बिजली आपूर्ति, खराब बिजली उपकरणों की मरम्मत तथा सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग शामिल थी।

उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान हो जाए तो गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी और जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

जनसुविधाओं को लेकर बढ़ रही चिंता

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। सड़क, बिजली, सफाई और जलनिकासी जैसी सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। यदि इन पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो लोगों में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।

उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि राघोपुर सहित आसपास के गांवों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम जैसे कदम उठाने की आवश्यकता न पड़े।

राघोपुर में हुआ यह विरोध प्रदर्शन एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब वे समय पर धरातल पर उतरें। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि जल्द ही सड़क, सफाई और बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान होगा।