गुप्त सूचना पर पसराहा के दो कुख्यात शराब तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद, भेजे गए जेल
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने और सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के अभियान में भवानीपुर थाना पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। भवानीपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पसराहा इलाके के दो शातिर शराब तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान सौरभ कुमार और हरेराम कुमार के रूप में की गई है।
पुलिस ने तस्करों के पास से 12.75 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की है, जिसे वे क्षेत्र में खपाने की फिराक में थे। भवानीपुर थानाध्यक्ष ने इस पूरी कार्रवाई और गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कैसे बिछाया गया जाल? (भवानीपुर पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन')
भवानीपुर थाना क्षेत्र में नशाखोरों और अवैध शराब की सप्लायर चेन को तोड़ने के लिए पुलिस लगातार विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। इसी क्रम में पुलिस को एक पुख्ता इनपुट हाथ लगा था।
छापेमारी की इनसाइड स्टोरी:
थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि पसराहा क्षेत्र के दो बड़े शराब तस्कर भारी मात्रा में खेप लेकर भवानीपुर के रास्ते कहीं जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए चिह्नित स्थान पर घेराबंदी (नाकेबंदी) कर दी।
तभी बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। जब उनके पास मौजूद बैग और वाहन की सघन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से विभिन्न ब्रांडों की कुल 12.75 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई।
तस्करों की प्रोफाइल: पसराहा से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों तस्कर शातिर दिमाग के हैं और लंबे समय से इस अवैध धंधे में संलिप्त थे।
तस्कर 1: सौरभ कुमार (पिता: स्थानीय निवासी, पसराहा) – यह नेटवर्क में डिलीवरी और व्हाट्सएप को-ऑर्डिनेशन का काम संभालता था।
तस्कर 2: हरेराम कुमार (पिता: स्थानीय निवासी, पसराहा) – यह मुख्य रूप से स्टॉक को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाने (कैरियर) का काम करता था।
शुरुआती पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया है कि वे इस शराब को ऊंचे दामों पर स्थानीय स्तर पर शादी-पार्टियों और नशेडियों के बीच होम डिलीवरी के जरिए सप्लाई करने वाले थे। पुलिस अब इनके मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह खेप कहां से लाए थे और मुख्य सरगना कौन है।
केस फाइल और जब्ती सूची: एक नजर में
भवानीपुर पुलिस द्वारा तैयार की गई जब्ती सूची और कानूनी कार्रवाई का पूरा ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में व्यवस्थित है:
| केस फाइल पैरामीटर | पुलिसिया कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| कार्रवाई करने वाला थाना | भवानीपुर थाना, पूर्णिया |
| गिरफ्तार मुख्य आरोपी | सौरभ कुमार एवं हरेराम कुमार (निवासी: पसराहा) |
| बरामदगी की मात्रा | 12.75 लीटर (प्रतिबंधित विदेशी/इम्पीरियल शराब) |
| दर्ज मामला | बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत प्राथमिकी (FIR) |
| वर्तमान स्थिति | कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद |
थानाध्यक्ष का आधिकारिक बयान: "शराब माफियाओं के खिलाफ जारी रहेगा अभियान"
इस सफल छापेमारी और गिरफ्तारी को लेकर भवानीपुर थानाध्यक्ष ने सख्त लहजे में संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर नशे का कारोबार फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा।
भवानीपुर थानाध्यक्ष ने कहा:
“गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेहतरीन काम करते हुए पसराहा के दो तस्करों सौरभ और हरेराम को 12.75 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। कोर्ट के आदेशानुसार दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। भवानीपुर की जनता से अपील है कि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या निर्माण हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, आपका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।”
पुलिस इस मामले को महज 12.75 लीटर शराब की बरामदगी के तौर पर नहीं देख रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पसराहा से भवानीपुर के बीच सक्रिय बड़े शराब कार्टेल (Cartel) का भंडाफोड़ करने के लिए कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जिस बाइक से दोनों तस्कर शराब ले जा रहे थे, उसके कागजातों की भी जांच की जा रही है कि कहीं वह गाड़ी चोरी की तो नहीं है।
बिहार में शराब तस्करों ने अब पुलिस से बचने के लिए बड़ी गाड़ियों के बजाय मोटरसाइकिल और छोटे बैगों के जरिए 'कैरियर' बनाकर सप्लाई चेन शुरू की है। लेकिन भवानीपुर पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि तस्कर चाहे जितने भी पैंतरे बदल लें, वे कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।