प्लंबर ठेकेदार के पुत्र रोहन राज और उसके दोस्त पर जानलेवा हमले व फायरिंग के मामले में दो कुख्यात अपराधी विक्कू कुमार और रिशु राय गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर: किसी भी सभ्य समाज में कानून-व्यवस्था की मजबूती और नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस की सक्रियता तब और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है जब अपराधी बेखौफ होकर सरेआम गोलीबारी और जानलेवा हमलों को अंजाम देने लगते हैं। जब अपराधी कानून को ठेंगा दिखाकर युवाओं और कारोबारियों के परिवारों को निशाना बनाते हैं, तो आम जनता के भीतर खौफ का माहौल पैदा हो जाता है। ऐसे में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनर्जीवित करता है। बिहार के अपराध और प्रशासनिक गतिविधियों के संवेदनशील केंद्र मुजफ्फरपुर जिले से पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी सफलता और राहत भरी खबर सामने आ रही है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष अभियान के तहत दो कुख्यात अपराधियों—विक्कू कुमार और रिशु राय—को धर दबोचा है।
यह दोनों शातिर अपराधी हाल ही में शहर में चर्चा का केंद्र बने एक सनसनीखेज मामले में संलिप्त थे। इन्होंने एक स्थानीय प्लंबर ठेकेदार के पुत्र रोहन राज और उसके साथी धनराज कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर जानलेवा हमला किया था। इस गंभीर घटना को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से गत 5 जुलाई को स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार इन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। इस दोहरे गिरफ्तारी से अपराधियों के उस नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है जो इलाके में दहशत फैलाना चाहता था।
घटना का पृष्ठभूमि और 5 जुलाई को दर्ज हुआ मुकदमा
मुजफ्फरपुर के व्यस्त और संवेदनशील इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अपराधियों ने दिनदहाड़े या सुनसान रास्ते पर घात लगाकर एक ठेकेदार के बेटे को मौत के घाट उतारने की नीयत से गोलियां बरसाईं।
प्लंबर ठेकेदार के बेटे पर हमला: पीड़ित रोहन राज अपने दोस्त धनराज कुमार के साथ किसी काम से बाहर निकला था। इसी दौरान कुख्यात विक्कू कुमार और रिशु राय अपने अन्य सहयोगियों के साथ वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश या वर्चस्व की हनक दिखाने के लिए उन पर सीधी फायरिंग कर दी।
बाल-बाल बचे युवक: गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में रोहन राज और धनराज कुमार को गंभीर रूप से घातक चोटें नहीं आईं और वे बाल-बाल बच गए, लेकिन इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
5 जुलाई को दर्ज हुई एफआईआर: घटना के तुरंत बाद सहमे हुए परिजनों और पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली और 5 जुलाई को संबंधित थाने में विक्कू कुमार, रिशु राय तथा अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस का विशेष अनुसंधान और दबिश का जाल
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और स्थानीय थाना प्रभारी के नेतृत्व में इस मामले के खुलासे के लिए एक विशेष पुलिस टीम (Special Task Team) का गठन किया गया था। पुलिस ने इस मामले को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाते हुए तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर: अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके मोबाइल लोकेशन, उनके पुराने आपराधिक इतिहास और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश बनानी शुरू कर दी। विक्कू कुमार और रिशु राय लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे।
घेराबंदी कर दबोचा गया: 5 जुलाई को मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस इनकी टोह में थी। आखिरकार सटीक सूचना मिलने पर पुलिस दल ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत दोनों कुख्यात आरोपियों विक्कू कुमार और रिशु राय को उनके छुपने के ठिकाने से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
हथियार और सुराग की तलाश: पुलिस पूछताछ के दौरान इन दोनों अपराधियों से इस गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों, मोटरसाइकिलों और उनके अन्य सहयोगियों के बारे में गहन उगलवाने की कोशिश की जा रही है।
आपराधिक इतिहास और क्षेत्र में दहशत का खात्मा
गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी—विक्कू कुमार और रिशु राय—क्षेत्र के कोई साधारण बदमाश नहीं हैं, बल्कि उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
आपराधिक मनोवृत्ति: स्थानीय लोगों का कहना है कि ये दोनों तत्व आए दिन स्थानीय व्यवसायियों, ठेकेदारों और उनके परिजनों को डराने-धमकाने और रंगदारी वसूलने के अवैध धंधों में संलिप्त रहते थे। ठेकेदार के पुत्र पर हुआ यह हमला भी उसी वर्चस्व की लड़ाई का एक हिस्सा था।
पुलिस की पीठ थपथपा रही जनता: 5 जुलाई को केस दर्ज होने के चंद दिनों के भीतर ही दोनों मुख्य आरोपियों का पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया जाना यह साबित करता है कि जिले की पुलिस अब अपराधियों के प्रति पूरी तरह आक्रामक रुख अपना चुकी है।
मुजफ्फरपुर में प्लंबर ठेकेदार के पुत्र रोहन राज और उसके दोस्त धनराज कुमार पर हुए फायरिंग एवं जानलेवा हमले के मामले में कुख्यात विक्कू कुमार और रिशु राय की गिरफ्तारी कानून के लंबे हाथों का जीवंत प्रमाण है। 5 जुलाई को दर्ज कराई गई वह प्राथमिकी अब न्याय के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। इस सफल कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवार को संबल मिला है, बल्कि मुजफ्फरपुर की सड़कों पर आतंक का पर्याय बनने की कोशिश करने वाले अन्य असामाजिक तत्वों को भी एक स्पष्ट और कड़ी चेतावनी मिल गई है कि कानून और पुलिस के शिकंजे से बचना अब नामुमकिन है।