नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपसी विवाद के बाद पहुंची दो जख्मी महिलाएं; किरण देवी और संजू देवी के बीच हुई झड़प में दोनों घायल, डॉ. कुमार दीपक ने किया उपचार, पसराहा पुलिस कर रही है मामले की गहन छानबीन

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के ग्रामीण आंचल में छोटी-छोटी बातों पर उपजे आपसी विवाद किस हद तक हिंसक रूप ले सकते हैं, इसकी एक बानगी नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र में देखने को मिली है। नारायणपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब आपसी विवाद के बाद खून से लथपथ दो महिलाएं इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं। घायलों की पहचान किरण देवी (47 वर्ष) और संजू देवी (43 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों महिलाओं के बीच किसी घरेलू या आपसी बात को लेकर जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार दीपक ने तत्परता दिखाते हुए दोनों का प्राथमिक उपचार किया। वहीं, इस घटना की सूचना मिलते ही पसराहा थाना की पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला? कैसे बढ़ा विवाद?

घटना के संबंध में मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नारायणपुर क्षेत्र में रहने वाली किरण देवी और संजू देवी के बीच किसी पुराने या तात्कालिक पारिवारिक/पड़ोसी मुद्दे को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी:

कहासुनी से लेकर हिंसक झड़प तक: शुरुआत में यह विवाद महज जुबानी नोंकझोक और गाली-गलौज तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया।

दोनों पक्षों को आईं चोटें: इस हिंसक झड़प में दोनों महिलाओं को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान आस-पास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, जिसके बाद दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ उपचार: डॉ. कुमार दीपक की भूमिका

अचानक दो घायल महिलाओं के अस्पताल पहुंचने से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए गहमागहमी का माहौल बन गया:

तत्काल चिकित्सीय सहायता: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस वक्त आपातकालीन सेवा संभाल रहे डॉ. कुमार दीपक ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई।

गंभीरता को देखते हुए इलाज: डॉ. दीपक और उनकी मेडिकल टीम ने किरण देवी और संजू देवी के शरीर पर लगे घावों की सफाई की, आवश्यक टांके लगाए और दर्द निवारक इंजेक्शन व दवाइयां दीं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों महिलाओं की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है, हालांकि उन्हें कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतने और आराम करने की सलाह दी गई है।

पसराहा पुलिस की एंट्री: जांच में जुटी खाकी

अस्पताल से मिली मेडिको-लीगल सूचना (MLR) और घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई:

थानाध्यक्ष का बयान: पसराहा थाना के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नारायणपुर सीएचसी से जख्मी महिलाओं के आने की सूचना मिली थी। पुलिस बल तुरंत अस्पताल पहुंचा और दोनों पक्षों की स्थिति का जायजा लिया।

दर्ज होगा बयान और होगी कार्रवाई: पुलिस का कहना है कि दोनों महिलाएं फिलहाल चिकित्सकीय देखरेख में हैं। उनके पूरी तरह से सामान्य होने के बाद उनका विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस झड़प के पीछे असल वजह क्या थी और क्या इसमें दोनों पक्षों के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस हर पहलू से मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाया जा सके।

ग्रामीण इलाकों में आपसी सौहार्द और सहनशीलता की जरूरत

इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक चिंता का विषय हैं कि कैसे छोटी-छोटी बातों पर लोग हिंसक हो जाते हैं:

बुद्धिजीवियों की अपील: क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि आपसी विवादों को मारपीट तक ले जाने के बजाय बैठकर या पंचायत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। हिंसा से किसी का भला नहीं होता, बल्कि कानूनी पचड़ों और आपसी दुश्मनी के सिवाय कुछ हासिल नहीं होता।

नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया किरण देवी और संजू देवी के बीच मारपीट का यह मामला आपसी असहिष्णुता का परिणाम है। गनीमत यह रही कि समय पर चिकित्सा मिलने से दोनों की स्थिति नियंत्रण## नारायणपुर में दो महिलाओं के बीच खूनी संघर्ष: मामूली विवाद ने लिया विकराल रूप, पसराहा पुलिस कर रही है मामले की छानबीन