कहलगांव में कबीर जयंती पर तांती समाज का भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह, शिक्षा, एकता और आरक्षण पर हुआ मंथन

भागलपुर। संत शिरोमणि कबीरदास की जयंती के अवसर पर भागलपुर जिले के कहलगांव में तांती समाज द्वारा एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार विधान परिषद (एमएलसी) लालमोहन गुप्ता तांती का नागरिक अभिनंदन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, युवा, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान समाज की शिक्षा, संगठनात्मक एकता, सामाजिक उत्थान, युवाओं के भविष्य और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत संत कबीरदास के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर की गई। उपस्थित लोगों ने संत कबीर के विचारों और उनके सामाजिक संदेशों को याद करते हुए समाज में समानता, भाईचारे और मानवता के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

एमएलसी लालमोहन गुप्ता तांती का हुआ नागरिक अभिनंदन

समारोह का मुख्य आकर्षण एमएलसी लालमोहन गुप्ता तांती का नागरिक अभिनंदन रहा। तांती समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में एमएलसी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता में होती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक परिवार अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा तो आने वाले समय में तांती समाज हर क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

उन्होंने युवाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने, तकनीकी शिक्षा अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

संत कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संत कबीरदास ने समाज को जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया था। उनके दोहे और शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रहे हैं।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में संत कबीर के विचारों को अपनाकर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को और मजबूत किया जा सकता है।

शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार

समारोह में शिक्षा को समाज के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आवश्यक है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होता है और विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

कार्यक्रम में कई शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

समाज की एकता पर दिया गया विशेष बल

वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसके संगठन और एकजुटता पर निर्भर करती है। उन्होंने तांती समाज के लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने और समाज के हित में मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

उनका कहना था कि एकजुट समाज ही अपनी समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार और प्रशासन के समक्ष रख सकता है।

आरक्षण और सामाजिक अधिकारों पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान आरक्षण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के विकास के लिए संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का सही तरीके से लाभ मिलना चाहिए। साथ ही युवाओं को सरकारी योजनाओं और शिक्षा के अवसरों की जानकारी भी दी जानी चाहिए।

उन्होंने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।

युवाओं से समाज निर्माण में भागीदारी की अपील

समारोह में युवाओं को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्हें सामाजिक विकास, शिक्षा, रोजगार और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा, डिजिटल तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से समाज को नई दिशा दे सकती है।

युवाओं से नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का भी आग्रह किया गया।

महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर

कार्यक्रम में महिला वक्ताओं ने समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के अवसर मिलने से पूरे समाज का विकास तेज होता है।

महिलाओं ने आत्मनिर्भरता, बालिका शिक्षा और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कलाकारों ने संत कबीर के भजनों और दोहों पर आधारित प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भक्ति संगीत, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।

समाज के विकास का लिया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शिक्षा, सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में जागरूकता और संगठन की भावना मजबूत हो सके।

भागलपुर के कहलगांव में संत शिरोमणि कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित तांती समाज का नागरिक अभिनंदन समारोह सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और संगठनात्मक एकता का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया। एमएलसी लालमोहन गुप्ता तांती के सम्मान के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, युवाओं के भविष्य, सामाजिक एकता और आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज से संगठित होकर शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम ने संत कबीर के समानता, मानवता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया।