ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक: 175 नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन जारी करने और जलजमाव से मुक्ति के लिए नाला निर्माण पर लगी मुहर
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) परिसर में प्रशासनिक सक्रियता और शैक्षणिक विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण सिंडिकेट बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने की। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों के हित में कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मुख्य रूप से लंबे समय से अटके 175 नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन जारी करने के रास्ते साफ कर दिए गए हैं, साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में वर्षों से नासूर बनी जलजमाव की गंभीर समस्या के स्थायी निदान के लिए नाला निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
मुख्य बिंदु: सिंडिकेट बैठक के प्रमुख निर्णय
कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, वित्तीय और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए।
175 नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन जारी: बैठक का सबसे बड़ा निर्णय विश्वविद्यालय में हाल ही में नियुक्त किए गए 175 शिक्षकों के वेतन भुगतान से जुड़ा था। प्रशासनिक और कागजी प्रक्रियाओं में फंसे इन शिक्षकों के वेतन जारी करने पर मुहर लगा दी गई है, जिससे शिक्षकों में हर्ष का माहौल है।
जलजमाव के निदान के लिए नाला निर्माण: विश्वविद्यालय परिसर में बारिश के दिनों में उत्पन्न होने वाली जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक नए और सुदृढ़ ड्रेनेज सिस्टम (नाला निर्माण) की योजना को हरी झंडी दिखा दी गई है।
वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की समीक्षा: बैठक में विश्वविद्यालय के बजट, आगामी सत्र की योजनाओं और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन का रास्ता साफ: राहत की सांस
विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय से नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान का मामला काफी चर्चा में था, जिसे इस बैठक में सुलझा लिया गया।
वेतन भुगतान में आ रही थीं अड़चनें: नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इन 175 शिक्षकों का वेतन जारी नहीं हो पा रहा था, जिससे शिक्षकों के बीच आर्थिक और मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
कुलपति की पहल पर निर्णय: कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे सिंडिकेट की बैठक में प्राथमिकता के आधार पर रखा, जहां सभी सदस्यों की सहमति से वेतन निर्गत करने का आदेश पारित किया गया।
अध्यापन कार्य में आएगी तेजी: वेतन मिलने से अब ये सभी शिक्षक पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ अपने पठन-पाठन और शोध कार्यों में ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा।
परिसर में जलजमाव की समस्या और नाला निर्माण योजना
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में जलजमाव एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है, जिसके स्थायी समाधान के लिए सिंडिकेट ने कड़ा कदम उठाया है।
बारिश में होती थी भारी परेशानी: थोड़ी सी बारिश होने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन, विभागों और आवासीय परिसरों में पानी भर जाता था, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।
आधुनिक नाला निर्माण का प्रस्ताव: इस बैठक में तय किया गया कि परिसर से पानी की सुगम निकासी के लिए बड़े पैमाने पर पक्के नालों का निर्माण कराया जाएगा, जो मुख्य शहरी ड्रेनेज सिस्टम से जोड़े जाएंगे।
गुणवत्ता और समयसीमा: कुलपति ने संबंधित अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया है कि नाला निर्माण का कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि आगामी बरसात से पहले परिसर को जलजमाव से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई सिंडिकेट की यह बैठक विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। 175 नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन का रास्ता साफ होने से जहां एक ओर शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं परिसर में नाला निर्माण के निर्णय से बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। इन निर्णयों से यह स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों के कल्याण और परिसर के विकास के प्रति पूरी तरह गंभीर है।