श्रावणी मेले से पहले सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर बनकर तैयार हुआ 12 करोड़ की लागत वाला 12 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक फुट ओवरब्रिज (FOB); श्रद्धालुओं को मिलेगी भीड़भाड़ और भगदड़ से मुक्ति

भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में सुलतानगंज पहुंचने वाले शिवभक्तों के लिए इस बार भारतीय रेलवे और जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी राहत भरी सौगात दी है। मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुलतानगंज रेलवे स्टेशन पर 12 करोड़ रुपये की भारी-लगार लागत से बनाए जा रहे 12 मीटर चौड़े अत्याधुनिक फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस हाई-टेक एफओबी का बचा हुआ कार्य श्रावणी मेले के विधिवत शुभारंभ से ठीक पहले पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया जाएगा, जिससे इस बार कांवरियों और यात्रियों को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलने वाली है।

क्यों पड़ी इस अत्याधुनिक फुट ओवरब्रिज की आवश्यकता?

सुलतानगंज रेलवे स्टेशन भागलपुर-किउल रेल खंड का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्टेशन है। सावन के पवित्र महीने में हर साल यहां लाखों की संख्या में कांवरिया ट्रेन से उतरते हैं और उत्तरवाहिनी गंगा की ओर प्रस्थान करते हैं।

भीड़ का अत्यधिक दबाव: पारंपरिक रूप से स्टेशन पर पुराना और संकरा फुट ओवरब्रिज होने के कारण सावन के दिनों में जब एक साथ कई ट्रेनें पहुंचती थीं, तो प्लेटफॉर्म्स पर भारी जाम और पांव रखने तक की जगह नहीं बचती थी। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा एक बड़ा जोखिम बना रहता था।

यात्री सुरक्षा सर्वोपरि: रेल मंत्रालय और मालदा मंडल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस आधुनिक और चौड़े एफओबी के निर्माण की योजना को युद्धस्तर पर शुरू किया था, जो अब धरातल पर उतरकर पूरी तरह तैयार हो चुका है।

12 करोड़ की लागत और 12 मीटर चौड़ाई की विशेषताएं

इस नए फुट ओवरब्रिज को आधुनिक इंजीनियरिंग के मानकों के अनुसार बेहद मजबूत और विशाल रूप में तैयार किया गया है:

विशाल चौड़ाई (12 मीटर): इस एफओबी की कुल चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है, जो सामान्य रेलवे ब्रिजों की तुलना में काफी अधिक है। इतनी चौड़ाई होने से एक साथ हजारों यात्री बिना किसी बाधा के एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर आ-जा सकेंगे।

आधुनिक एस्केलेटर और रैंप की सुविधा: बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस नए फुट ओवरब्रिज को स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा गया है। साथ ही, सुगम आवाजाही के लिए आधुनिक सीढ़ियों के साथ-साथ विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि भारी कांवर (झावड़ा) लेकर चलने वाले भक्तों को कोई कठिनाई न हो।

मजबूत संरचना और भव्य लुक: लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ब्रिज के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले स्टील और कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है, जो भारी भीड़ के दबाव को आसानी से झेल सकता है।

मेले से पहले पूरा होगा कार्य, रेलवे प्रशासन की कड़ी नजर

पूर्वी रेलवे के मालदा डिवीजन के अधिकारियों ने हाल ही में सुलतानगंज स्टेशन का दौरा कर इस निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज का जायजा लिया था।

युद्धस्तर पर फिनिशिंग वर्क: वर्तमान में ब्रिज के शेड लगाने, लाइटिंग और रंग-रोगन का अंतिम कार्य दिन-रात तेजी से किया जा रहा है ताकि मेला शुरू होने से पहले इसे यात्रियों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाए।

भीड़ नियंत्रण में मिलेगी मदद: रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस नए एफओबी के चालू हो जाने से प्लेटफॉर्म नंबर एक से लेकर अन्य सभी प्लेटफार्मों पर यात्रियों का दबाव तुरंत डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों और कांवरियों को अलग-अलग रास्तों से निकाला जाना आसान होगा।

सुलतानगंज रेलवे स्टेशन पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो रहा यह 12 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक फुट ओवरब्रिज इस वर्ष के श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सुधार साबित होने जा रहा है। प्रशासनिक और रेलवे की इस संयुक्त पहल से न केवल यात्रियों की यात्रा सुरक्षित होगी, बल्कि भागलपुर आने वाले शिवभक्तों को सुगम, व्यवस्थित और आरामदायक अनुभव भी प्राप्त सकेगा।