प्रदेश महासचिव अरविंद साह का हुआ जोरदार स्वागत, जनसंपर्क अभियान के दौरान बदली राजनीतिक सरगर्मी
पीरपैंती (निज प्रतिनिधि): बिहार की बदलती राजनीतिक फिजां और जनसुराज अभियान (Jan Suraaj Abhiyan) के बढ़ते प्रभाव के बीच शुक्रवार का दिन पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र के लिए बेहद खास रहा। जनसुराज के प्रदेश महासचिव अरविंद साह अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार को पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान अरविंद साह ने विभिन्न गांवों का दौरा कर जनसंपर्क अभियान चलाया और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया।
जनसंपर्क अभियान के दौरान उमड़ा जनसैलाब
शुक्रवार की अहले सुबह से ही पीरपैंती के विभिन्न बाजारों, चौराहों और ग्रामीण इलाकों में हलचल तेज हो गई थी। प्रदेश महासचिव अरविंद साह के काफिले के पहुंचते ही 'जनसुराज - नई सोच, नया बिहार' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
श्री साह ने अपने दौरे की शुरुआत पीरपैंती के प्रमुख बाजारों और ग्रामीण टोलों से की। इस दौरान वे दुकानदारों, युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों से मिले। उन्होंने हर वर्ग के लोगों की समस्याएं सुनीं और जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की उन परिकल्पनाओं से लोगों को अवगत कराया, जिसका उद्देश्य राज्य में व्यवस्था परिवर्तन, रोजगार सृजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बदहाल व्यवस्था पर तीखा प्रहार
जनसंपर्क के दौरान एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव अरविंद साह ने राज्य की मौजूदा व्यवस्था और राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी पीरपैंती और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बुनियादी सुविधाएं—जैसे पक्की सड़कें, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, सिंचाई के साधन और युवाओं के लिए रोजगार—के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
युवाओं के पलायन पर चिंता: श्री साह ने कहा कि बिहार के युवा आज भी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को विवश हैं। पुरानी पार्टियों ने सिर्फ वोट की राजनीति की है, लेकिन किसी ने युवाओं के भविष्य को सुधारने के लिए ठोस ब्लूप्रिंट तैयार नहीं किया।
भ्रष्टाचार और उदासीनता: उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जनता अब बदलाव चाहती है और यही वजह है कि लोग जाति-धर्म की दीवारों को तोड़कर जनसुराज के साथ जुड़ रहे हैं।
जनसुराज की नीतियों और बदलाव के संकल्प पर जोर
अपने संबोधन में अरविंद साह ने जनसुराज की मूल अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनसुराज कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि बिहार के प्रबुद्ध और आम नागरिकों का एक ऐसा साझा मंच है जो समाज के हर वर्ग के सुझावों से राज्य का विकास का रोडमैप तैयार कर रहा है।
गांवों का आर्थिक सशक्तिकरण: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि आधारित उद्योगों और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी: हर बच्चे को घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाना जनसुराज की पहली प्राथमिकता होगी।
योग्य नेतृत्व का चयन: जनता को इस बार जाति या पार्टी देखकर नहीं, बल्कि समाज के लिए काम करने वाले योग्य और शिक्षित व्यक्तियों को चुनना होगा।
कार्यकर्ताओं में जोश और राजनीतिक गलियारों में चर्चा
शुक्रवार को अरविंद साह के इस दौरे और तूफानी जनसंपर्क अभियान के बाद पीरपैंती के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। विरोधी दलों के खेमे में भी इस बात की चर्चा है कि जनसुराज जिस प्रकार से जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, उससे आगामी राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर पड़ सकता है।
दौरे के अंत में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन की मजबूती और आने वाले दिनों में पीरपैंती क्षेत्र में जनसुराज के अभियानों को और अधिक तेज करने को लेकर रणनीति बनाई गई। प्रदेश महासचिव ने सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर जन-जन तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।