सीढ़ी घाट एवं जहाज घाट की बंदोबस्ती भी मेला अवधि के लिए, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने शुरू की तैयारी

भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा व्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए इस बार भी गंगा तट स्थित प्रमुख सीढ़ी घाट एवं जहाज घाट की बंदोबस्ती केवल मेला अवधि के लिए किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि गंगा स्नान, जलभराई और श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो तथा सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा सकें।

श्रावणी मेले के दौरान भागलपुर के गंगा घाटों पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां से गंगाजल लेकर कांवरिये सुल्तानगंज के रास्ते देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग और आपदा प्रबंधन की विशेष योजना तैयार की है। इसी क्रम में सीढ़ी घाट और जहाज घाट की अस्थायी बंदोबस्ती मेला अवधि तक के लिए की जाएगी ताकि सभी व्यवस्थाओं का संचालन एक जिम्मेदार एजेंसी के माध्यम से किया जा सके।

घाटों पर बढ़ाई जाएगी सुविधाएं

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बंदोबस्ती के बाद संबंधित एजेंसी को घाटों की नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, स्नान घाटों की निगरानी, सुरक्षा मानकों का पालन तथा आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी। घाटों पर फिसलन रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा सीढ़ियों की मरम्मत, रेलिंग की जांच और क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने का कार्य भी कराया जाएगा।

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय, पेयजल केंद्र, अस्थायी विश्राम स्थल तथा चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग स्नान क्षेत्र और चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था किए जाने की संभावना है।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

श्रावणी मेले के दौरान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस बल, होमगार्ड, महिला पुलिसकर्मी तथा आपदा प्रबंधन दल की तैनाती की जाएगी। गंगा में नावों के माध्यम से जल पुलिस लगातार निगरानी करेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

इसके अलावा घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष पुलिस टीमों को अलर्ट मोड में रखा जाएगा।

गोताखोर और मेडिकल टीम रहेंगी तैनात

गंगा स्नान के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्थानीय गोताखोर दलों को भी आवश्यकतानुसार सक्रिय रखा जाएगा। घाटों पर एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।

साफ-सफाई पर रहेगा विशेष जोर

नगर निगम एवं संबंधित विभागों को घाटों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई का निर्देश दिया गया है। प्रतिदिन कचरे का उठाव, सैनिटाइजेशन तथा स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। श्रद्धालुओं से भी अपील की जाएगी कि वे गंगा में प्लास्टिक, कपड़े या अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें तथा स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

यातायात व्यवस्था होगी व्यवस्थित

श्रावणी मेले के दौरान वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। घाटों तक जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग, पार्किंग स्थल और डायवर्जन की व्यवस्था रहेगी। बड़े वाहनों के प्रवेश पर आवश्यकतानुसार प्रतिबंध लगाया जा सकता है। पैदल चलने वाले कांवरियों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया जाएगा ताकि भीड़ के बीच किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

अस्थायी दुकानों का होगा नियमन

घाटों के आसपास लगने वाली अस्थायी दुकानों, पूजा सामग्री विक्रेताओं और खाद्य स्टॉल संचालकों को निर्धारित स्थान पर ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी। सभी दुकानदारों को स्वच्छता और निर्धारित दरों का पालन करना होगा। खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर जांच करेगा ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

बिजली और प्रकाश की रहेगी समुचित व्यवस्था

रात्रि के समय श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों और संपर्क मार्गों पर हाई मास्ट लाइट, एलईडी लाइट तथा अतिरिक्त विद्युत व्यवस्था की जाएगी। बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल मरम्मत के लिए विशेष टीम तैनात रहेगी।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से किया सहयोग का आग्रह

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस या नियंत्रण कक्ष को दें। गंगा स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करने और गहरे पानी में जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।

धार्मिक आस्था और सुव्यवस्था का रहेगा संतुलन

श्रावणी मेला बिहार ही नहीं, पूरे देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। सीढ़ी घाट एवं जहाज घाट की मेला अवधि के लिए बंदोबस्ती का निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे घाटों का बेहतर रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में गंगा स्नान एवं जलभराई कर अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करेंगे। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठकें लगातार जारी हैं और सभी संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।