बिहार में पूर्व अग्निवीरों को बड़ी सौगात: जेल कक्षपाल भर्ती में मिलेगा 12.5% आरक्षण, सरकार ने नियमावली में किया संशोधन
पटना। बिहार सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और उन्हें सरकारी सेवा में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने कारा (जेल) विभाग में होने वाली कक्षपाल (वार्डर) भर्ती प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बिहार कक्षपाल संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अग्निवीर योजना के तहत सेना में निर्धारित अवधि की सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य सरकार की जेल सेवा में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
सरकार के इस निर्णय को राज्य में पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, रोजगार और उनके सैन्य अनुभव का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सेना में प्रशिक्षण प्राप्त युवा अनुशासन, सुरक्षा व्यवस्था और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता रखते हैं, जिससे कारा प्रशासन को भी मजबूती मिलेगी।
25 प्रतिशत आरक्षण को दो बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार बिहार में कक्षपाल भर्ती के दौरान भूतपूर्व सैनिकों को कुल 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाता है। नई संशोधित नियमावली के तहत इसी आरक्षण को दो समान हिस्सों में विभाजित किया जाएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार—
- 12.5 प्रतिशत पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रहेंगे।
- 12.5 प्रतिशत पद बिहार राज्य के पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित किए जाएंगे।
इस प्रकार कुल आरक्षण की व्यवस्था पहले जैसी ही रहेगी, लेकिन अब उसमें पूर्व अग्निवीरों को अलग से प्रतिनिधित्व मिलेगा।
पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा सरकारी नौकरी का अवसर
अग्निवीर योजना के तहत सेना में चार वर्षों की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को अब बिहार सरकार की जेल सेवा में सीधे आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे हजारों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक नया रास्ता खुलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि सेना में कार्य करने वाले युवा पहले से ही कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन, सुरक्षा प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने तथा टीमवर्क जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं से लैस होते हैं। यही अनुभव उन्हें जेल प्रशासन जैसी जिम्मेदार सेवाओं के लिए उपयुक्त बनाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जेल सुरक्षा व्यवस्था में अनुशासन और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सैन्य पृष्ठभूमि वाले युवाओं की नियुक्ति से कारा प्रशासन की कार्यक्षमता और सुरक्षा व्यवस्था दोनों मजबूत होंगी।
पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अग्निवीर योजना लागू होने के बाद सबसे बड़ा प्रश्न यह था कि सेना में निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद इन युवाओं के लिए रोजगार के क्या अवसर होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें लगातार पूर्व अग्निवीरों के लिए नई-नई रोजगार नीतियां तैयार कर रही हैं।
बिहार सरकार का यह निर्णय भी उसी दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इससे सेना से लौटने वाले युवाओं को सरकारी सेवा में समायोजन का अवसर मिलेगा और उन्हें रोजगार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
राज्य की सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
कारा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जेलों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। कैदियों की निगरानी, जेल अनुशासन बनाए रखना, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना और संवेदनशील परिस्थितियों को संभालना कक्षपालों की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
पूर्व अग्निवीर पहले से ही सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त होते हैं। उन्हें हथियार संचालन, सुरक्षा प्रबंधन, शारीरिक दक्षता, अनुशासन और नेतृत्व का अनुभव होता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति से राज्य की जेल व्यवस्था अधिक प्रभावी और पेशेवर बन सकेगी।
युवाओं में बढ़ेगा विश्वास
सरकार के इस फैसले से बिहार के उन हजारों युवाओं में सकारात्मक संदेश जाएगा जो अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होना चाहते हैं। अब उन्हें यह भरोसा मिलेगा कि सेवा पूरी करने के बाद राज्य सरकार भी उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी।
रोजगार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विभिन्न विभागों में भी इसी प्रकार की आरक्षण व्यवस्था लागू की जाती है तो पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर और अधिक बढ़ सकते हैं।
जल्द जारी हो सकता है सरकारी संकल्प
सूत्रों के अनुसार बिहार कक्षपाल संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति मिल चुकी है। अब सरकार जल्द ही इस संबंध में औपचारिक संकल्प (Resolution) जारी कर सकती है। संकल्प जारी होने के बाद आगामी कक्षपाल भर्ती प्रक्रिया में यह नई व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी।
भर्ती अधिसूचना जारी होने के बाद पूर्व अग्निवीरों को आरक्षित श्रेणी के तहत आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें प्रतियोगी प्रक्रिया में अलग से लाभ प्राप्त होगा।
रोजगार नीति में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह निर्णय केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की दीर्घकालिक रोजगार नीति का भी हिस्सा है। सरकार प्रशिक्षित युवाओं को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना चाहती है ताकि उनके कौशल का प्रभावी उपयोग हो सके।
इसके साथ ही यह निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। यदि इसी प्रकार की व्यवस्था दूसरे विभागों में भी लागू होती है तो पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
भविष्य की भर्तियों में मिलेगा लाभ
संशोधित नियमावली लागू होने के बाद बिहार में होने वाली सभी आगामी कक्षपाल भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 12.5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे बड़ी संख्या में ऐसे युवा सरकारी सेवा से जुड़ सकेंगे जिन्होंने सेना में सेवा देकर देश की रक्षा की है।
राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल पूर्व अग्निवीरों के सम्मानजनक पुनर्वास को सुनिश्चित करेगा, बल्कि कारा प्रशासन को भी अधिक अनुशासित, सक्षम और प्रभावी बनाएगा। आने वाले दिनों में सरकार के औपचारिक संकल्प जारी होने के बाद इस नई व्यवस्था का लाभ सीधे भर्ती प्रक्रिया में देखने को मिलेगा।