गोराडीह के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कारगिल विजय दिवस पर देशभक्ति का जज्बा; छात्राओं ने पेंटिंग और मानव शिखर बनाकर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

भागलपुर, विशेष संवाददाता: भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और शौर्य के प्रतीक ऐतिहासिक 'कारगिल विजय दिवस' (Kargil Vijay Diwas) के अवसर पर सिल्क सिटी भागलपुर के गोराडीह प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में देशभक्ति और उत्साह से ओतप्रोत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर को तिरंगे झंडों और देशभक्ति के नारों से सजाया गया था। इस विशेष अवसर पर स्कूल की छात्राओं ने अपनी कला, संस्कृति और अनुशासन के माध्यम से कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने आकर्षक पेंटिंग प्रतियोगिता और मैदान पर मानव शिखर (Human Pyramid) बनाकर आसमान में तिरंगा लहराया और मां भारती के वीर सपूतों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कारगिल के वीर शहीदों की याद में गूंजा 'वंदे मातरम'

कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश के वीर जवानों को दो मिनट का मौن रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

शहीदों को नमन: विद्यालय की प्रांगण में उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मियों और छात्राओं ने मां भारती के उन वीर सपूतों को याद किया जिन्होंने वर्ष 1999 में कारगिल की बर्फीली पहाड़ियों पर दुश्मनों को खदेड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था।

देशभक्ति के तराने: छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और कविताओं से पूरा विद्यालय परिसर गूंज उठा। हर चेहरे पर देश के प्रति सम्मान और सैनिकों के प्रति असीम कृतज्ञता का भाव साफ झलक रहा था।

पेंटिंग और मानव शिखर के जरिए अनोखी प्रस्तुति

इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई कलात्मक और साहसिक गतिविधियां थीं, जिन्होंने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया:

पेंटिंग प्रदर्शनी: छात्राओं ने रंगों और कूची के माध्यम से कारगिल युद्ध के दृश्यों, अमर जवान ज्योति, भारतीय तिरंगे और सैनिकों के बलिदान को कैनवास पर उकेरा। उनकी पेंटिंग में राष्ट्रप्रेम की गहरी भावना और भारतीय सेना के प्रति अटूट सम्मान साफ नजर आ रहा था।

मानव पिरामिड (मानव शिखर): खेल के मैदान में छात्राओं ने अद्भुत अनुशासन और संतुलन का परिचय देते हुए एक भव्य मानव शिखर का निर्माण किया। इस शिखर के शीर्ष पर पहुंचकर छात्राओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लहराया और कारगिल विजय के नारों से पूरे गोराडीह क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस साहसिक प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि देश की बेटियां भी अनुशासन और साहस के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं।

वार्डन सपना कुमारी का प्रेरणादायक संबोधन

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की वार्डन सपना कुमारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कारगिल युद्ध के इतिहास और भारतीय सैनिकों की वीरता के अनछुए पहलुओं से अवगत कराया।

साहस और प्रेरणा का पाठ: वार्डन सपना कुमारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, "कारगिल विजय दिवस केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के वीर जवानों के अदम्य साहस, उनकी देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान की वह अमर गाथा है जो हमें हर परिस्थिति में देश के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।"

बेटियों में भरी ऊर्जा: उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे सैनिकों के जीवन से प्रेरणा लें। जीवन की हर कठिनाई का सामना डटकर करें और शिक्षा के क्षेत्र में उच्च मुकाम हासिल कर देश व समाज का नाम रोशन करें।

गोराडीह के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित यह कारगिल विजय दिवस समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बालिकाओं के भीतर राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सेना के प्रति सम्मान की भावना जगाने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ। छात्राओं द्वारा बनाई गई पेंटिंग, बनाए गए मानव शिखर और वार्डन सपना कुमारी के प्रेरणादायक संदेश ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया। इस प्रकार के कार्यक्रम नई पीढ़ी के भीतर देशभक्ति की अलख जगाने के साथ-साथ उन्हें देश का एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।