एकेडमिक काउंसिल की बैठक में स्नातक प्रथम से चतुर्थ सेमेस्टर तक के कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC) अनुमोदित

बिहार के उच्च शिक्षा जगत में विद्यार्थियों के कौशल विकास और उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में पूर्णिया विश्वविद्यालय ने एक और अहम और ऐतिहासिक कदम उठाया है। हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एकेडमिक काउंसिल (Academic Council) की उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण स्नातक (Graduation) पाठ्यक्रमों के अंतर्गत प्रथम सेमेस्टर से लेकर चतुर्थ सेमेस्टर तक के लिए कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (Skill Enhancement Course - SEC) के नए सिलेबस का अनुमोदन किया जाना रहा।

क्या है कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC) और इसका महत्व?

वर्तमान समय में उच्च शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के पास व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) होना बेहद जरूरी हो गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्नातक स्तर पर कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।

व्यवहारिक ज्ञान पर जोर: इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को कम्यूटर स्किल, कम्युनिकेशन, डेटा एनालिसिस, वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) और अन्य आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा।

रोजगार के अवसरों में वृद्धि: डिग्री पूरी करने के बाद छात्र केवल पारंपरिक डिग्रियों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि उनके पास अपनी पसंद के क्षेत्र में विशेष हुनर होगा, जिससे उन्हें आसानी से रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

एकेडमिक काउंसिल की बैठक के अन्य मुख्य बिंदु

विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता संबंधित उच्चाधिकारियों द्वारा की गई, जिसमें विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष और कॉलेज के प्राचार्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और निर्णय लिए गए:

सेमेस्टरवार पाठ्यक्रम निर्धारण: स्नातक प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर के लिए कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों के सिलेबस और क्रेडिट सिस्टम (Credit System) को सर्वसम्मति से पारित किया गया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुनिश्चितता: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर ऊंचा उठाने तथा समय पर परीक्षाएं और रिजल्ट प्रकाशित करने को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई।

शिक्षण संस्थानों की तैयारी: पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी अंगभूत और संबद्ध कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए सत्र के अनुसार इन पाठ्यक्रमों की कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित करें।

छात्रों और शिक्षकों में खुशी की लहर

विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक के शुरुआती चार semsters के लिए कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों को आधिकारिक मंजूरी मिलने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रकार के पाठ्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मील का पत्थर साबित होंगे। पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब उच्च शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल सीखने का बेहतरीन मंच मिलेगा।